IDF 2023 MakeMyTrip Founder And CEO Deep Kalra: छोटी रकम के साथ भी लोग अच्छा बिजनेस कर सकते हैं, ये बात MakeMyTrip के फाउंडर और चेयरमैन दीप कालरा ने टाइम्स नेटवर्क के इंडिया डिजिटल फेस्ट में कही । इस इवेंट की थीम 'द फ्यूचर बिगिन्स हियर' (The Future Begins Here)है जिसमें फ्रंटलाइन टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल पर आईटी और टेक फील्ड के धुरंधर नए रोडमैप पर मंथन कर रहे हैं। दीप ने कहा कि भारत पूरी दुनिया के मुकाबले ट्रैवल और टूरिज्म के मामले में संभवतः सबसे खूबसूरत देश है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारा नंबर इस लिस्ट में 22वां या 23वां है.
दीप ने कहा कि भारत पूरी दुनिया के मुकाबले ट्रैवल और टूरिज्म के मामले में संभवतः सबसे खूबसूरत देश है.
टूरिज्म के हिसाब से भारत संभवतः सबसे सुंदर देश
"बाकी प्रोडक्ट्स की तरह ट्रैवल प्रोडक्ट ना तो आपके किचन में और ना ही अलमारी में जगह घेरते हैं। ये बिल्कुल अलग होते हैं, क्योंकि वो आपके दिमाग और समय का कुछ हिस्सा घेरते हैं। अमेजन पर सामान खरीदने से अलग कोई ट्रैवल टिकट ऐसे ही नहीं खरीद लेता, इसके लिए वो पहले घूमने के लिए तैयार होता है और समय तय करके इसे खरीदने का फैसला लेता है। यही दो चीजें हैं जो ट्रैवल को टेक्नोलॉजी से बहुत अच्छी तरह जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भारत पूरी दुनिया के मुकाबले ट्रैवल और टूरिज्म के मामले में बहुत खूबसूरत है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस लिस्ट में हमारा नंबर 22वां या 23वां है।"
ट्रैवल में कब आया सबसे बड़ा बदलाव
दीप कालरा ने आगे कहा, “1900 के दशक में रेल या एयर टिकट बुक करना बहुत झंझट भरा काम था, लेकिन टेक्नोलॉजी और इंटरनेट के आते ही ये काम अब स्मार्टफोन से होने लगा है. नई टेक्नोलॉजी की मदद से सर्विस प्रोवाइडर्स का मुनाफा बढ़ा है जिसमें एयर से लेकर रेल और होटल से लेकर टैक्सी-बस सर्विस शामिल हैं. इसके अलावा ग्राहकों को अब इनकी ऑनलाइन बुकिंग कराने पर सबसे अच्छी डील्स भी मिलने लगी हैं।”
जीडीपी में 11 फीसदी योगदान मामूली नहीं
मेक माय ट्रिप के फाउंडर और चेयरमैन दीप कालरा ने आगे कहा, “अब तक तकनीक ने जो काम किया है वो सराहनीय है और आने वाले समय में जो काम होने वाला है वो बेहद रोचक होगा. खासतौर पर एआई जो भविष्य में लोगों का काम और भी आसान बनाने वाला है.” जीडीपी पर पूछे गए सवाल के जवाब में दीप ने कहा कि ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री जीडीपी में 11 फीसदी योगदान देती है जो मामूली आंकड़ा नहीं है। इसके अलावा ये इंडस्ट्री 10 से 11 प्रतिशत नौकरी में हिस्सेदारी रखती है।
