Made in india iPhone: एप्पल अपने अमेरिकी मार्केट के लिए आधे आईफोन भारत से खरीद रही है, क्योंकि यहां टैरिफ चीन की तुलना में कम है, यह बात कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक ने कही। एक इंटरव्यू में उन्होंने पुष्टि की है कि भारत जल्द ही अमेरिका में बेचे जाने वाले आईफोन के लिए एक प्रमुख सोर्स देश बन जाएगा। कंपनी चीन से दूर होकर अपने सप्लाई चैन को भारत में स्थानांतरित कर रही है, क्योंकि यहां टैरिफ कम हैं।
एप्पल के सीईओ टिम कुक
एप्पल का भारत की ओर रुख
तिमाही आय के बाद सीएनबीसी से बात करते हुए टिम कुक ने कहा कि एप्पल अब अपने आईफोन का आधा हिस्सा भारत से अमेरिका के लिए प्राप्त कर रहा है, क्योंकि यहां टैरिफ चीन की तुलना में कम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने अमेरिकी मार्केट के लिए वियतनाम से अपने अन्य प्रोडक्ट भी खरीद रहा है। हालांकि, कंपनी अभी भी अन्य देशों के लिए अपने 'अधिकांश' प्रोडक्ट चीन में बनाती है।
कुक ने कहा, "हमें उम्मीद है कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर iPhones का मूल देश भारत होगा। इस बीच, वियतनाम अमेरिका को भेजे जाने वाले आईपैड, मैक, ऐप्पल वॉच और एयरपॉड्स का ज्यादातर उत्पादन संभालेगा, ये ऐसे देश हैं जिन पर अभी 10% टैरिफ है, जबकि चीनी आयात पर 145% टैरिफ है।"
क्या है कंपनी का प्लान?
एप्पल का लक्ष्य 2026 तक अमेरिका में बेचे जाने वाले सभी आईफोन का असेंबलिंग भारत में करना है, जिससे चीन पर निर्भरता कम हो सके। JPMorgan की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि एप्पल अपने आईफोन निर्माण को भारत में स्थानांतरित करता है, तो वे अपने उत्पादों की कीमतों को लगभग समान रख सकता है। भारत में आईफोन के निर्माण की लागत चीन की तुलना में थोड़ी अधिक होगी, लेकिन यह अभी भी अमेरिका में निर्माण करने की तुलना में सस्ता होगा।
