आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने कंटेंट की पहचान बताना होगा अनिवार्य, जल्द जारी होंगे नियम: IT सचिव

कृष्णन ने कहा कि एआई के जरिये किया गया छोटा-सा बदलाव भी उसका अर्थ पूरी तरह बदल सकता है जबकि मोबाइल फोन कैमरे से होने वाले स्वचालित सुधार जैसे कुछ तकनीकी सुधार केवल गुणवत्ता बढ़ाते हैं और तथ्यों को नहीं बदलते।

सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से तैयार सामग्री के पहचान से जुड़े प्रस्तावित नियमों पर उद्योग के साथ परामर्श प्रक्रिया पूरी कर ली है और इससे संबंधित नियम जल्द ही जारी किए जाएंगे। यह जानकारी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने दी। कृष्णन ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि उद्योग ने इस मुद्दे पर ‘काफी जिम्मेदाराना’ रुख अपनाया है और एआई-जनित सामग्री की पहचान (लेबलिंग) अनिवार्य करने से जुड़ी दलीलों को समझता है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को लेकर उद्योग की ओर से कोई गंभीर विरोध सामने नहीं आया है।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंटेंट के लिए जल्द जारी होंगे नियम।(फोटो क्रेडिट-iStock)

उन्होंने कहा कि उद्योग ने इस पर स्पष्टता की मांग की है कि एआई से किए गए किस स्तर के बदलाव को ‘महत्वपूर्ण’ या ‘सारभूत’ संशोधन माना जाए और किन तकनीकी सुधारों को सामान्य गुणवत्ता बढ़ाने वाले बदलावों के रूप में देखा जाए।

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