Indian Space Policy 2023: केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को भारतीय अंतरिक्ष नीति (Indian Space Policy) 2023 को मंजूरी दे दी, जिसके तहत इसरो (ISRO), न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NewSpace India Limited) और प्राइवेट सेक्टर की संस्थाओं जैसे संगठनों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
Indian Space Policy 2023 को सरकार ने मंजूरी दी।
सरकार ने पहले अंतरिक्ष क्षेत्र को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया ताकि इस सेग्मेंट के विकास को बढ़ावा दिया जा सके। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यहां मीडिया से कहा कि संक्षेप में, यह (हाल के दिनों में) स्थापित कंपोनेंट की भूमिका में स्पष्टता प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने निजी भागीदारी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने का फैसला लिया। इसी वजह से आज 3 साल के अंदर इसरो में स्टार्टअप्स की संख्या 150 तक पहुंच गई है। आज कैबिनेट ने भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 को मंजूरी दे दी है, जो संक्षेप में इन अन्य घटकों में से प्रत्येक की भूमिका को स्पष्ट करेगी, जो इसरो मिशन को बढ़ावा देने के लिए अंतरिक्ष विभाग की भूमिका बढ़ाने के लिए स्थापित की गई हैं।
#WATCH | PM Modi took a decision to open the space sector for private participation. Today because of this within 3… t.co/n6FnjFTpGB
— ANI (@ANI) Apr 6, 2023
उन्होंने कहा कि नीति का उद्देश्य अंतरिक्ष विभाग की भूमिका को बढ़ाना, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) मिशन की गतिविधियों को बढ़ावा देना और अनुसंधान, शिक्षा, स्टार्टअप और उद्योग की बड़ी भागीदारी देना है।
