Hiring In IT Sector: मंदी की वजह से विकास रुक रहा है, आने वाले महीनों में आईटी क्षेत्र में भर्ती पर असर पड़ने की संभावना है। भारत की टॉप IT कंपनियों की पहली तिमाही की आय ने भारत में आईटी के क्षेत्र में मंदी के संकेत दिए हैं। स्टाफिंग फर्मों के मुताबिक इससे नियुक्ति पर बड़े स्तर पर असर पड़ेगा। स्टाफिंग फर्म एक्सफेनो के आंकड़ों के अनुसार, टॉप आईटी सर्विस फर्म वित्तीय वर्ष 2024 के दौरान 50,000 से 100,000 कर्मचारियों को नियुक्त करने की उम्मीद है। यह पिछले वर्ष से 250,000 से अधिक की भर्ती से भारी गिरावट है।
आईटी क्षेत्र में भर्ती पर असर
आईटी प्रमुख कंपनियों की कर्मचारियों की संख्या में दिखी गिरावट
वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में, भारत के शीर्ष पांच आईटी एक्सपोर्टर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, एचसीएलटेक, विप्रो और टेक महिंद्रा में औसतन 21,838 कर्मचारियों की संख्या में गिरावट देखने को मिली है। जबकि उद्योग के टीसीएस ने लगभग 500 कर्मचारियों को जॉब दने के सकारत्मक संकेत दिए हैं। यहां तक कि एक्सेंचर, कैपजेमिनी और कॉग्निजेंट जैसी वैश्विक आईटी कंपनियों, जिनका भारत में बड़ा कर्मचारी आधार है, में भी हालिया तिमाही के दौरान कर्मचारियों की संख्या में 5,000 से अधिक की गिरावट देखी गई है।
अमेरिका, यूरोप में भी असर
टीमलीज डिजिटल के सीईओ सुनील सी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में सेक्टर में 40% नियुक्तियों की गिरावट की उम्मीद है। कंपनियां मुख्य रूप से कर्मचारी उपयोग मेट्रिक्स बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। अमेरिका और यूरोप में मैक्रोइकॉनॉमिक मंदी के कारण ईटी सेवाओं द्वारा 25-30% तक की भर्ती में गिरावट हुई है।
