सरकार करेगी Net Neutrality नियमों की समीक्षा, 5G Network Slicing से बदल सकता है मोबाइल इंटरनेट का अनुभव

यदि Net Neutrality नियमों में संशोधन या स्पष्टीकरण किया जाता है, तो भारत में 5G आधारित विशेष सेवाओं का रास्ता और साफ हो सकता है। हालांकि सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि आम इंटरनेट यूजर्स के लिए खुला और निष्पक्ष इंटरनेट बरकरार रहेगा और किसी खास वेबसाइट या ऐप को पैसे लेकर विशेष प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।

Net Neutrality Rules: भारत सरकार 5G तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए Net Neutrality (नेट न्यूट्रैलिटी) से जुड़े नियमों की समीक्षा करने की तैयारी में है। यदि नए बदलाव लागू होते हैं, तो टेलीकॉम कंपनियों को अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से विशेष इंटरनेट सेवाएं देने की अनुमति मिल सकती है। इससे गेमिंग, हेल्थकेयर, स्मार्ट फैक्ट्री, रोबोटिक्स और स्वचालित वाहनों जैसी सेवाओं के लिए बेहतर स्पीड और कम लेटेंसी वाला नेटवर्क उपलब्ध कराया जा सकेगा।

Net Neutrality rules, 5G Network Slicing

दुनिया के कई देश अपना चुके हैं यह तकनीक/photo-AI

आखिर क्या है Net Neutrality?

Net Neutrality का मतलब है कि इंटरनेट पर मौजूद सभी वेबसाइट, ऐप और सेवाओं के साथ समान व्यवहार किया जाए यानी किसी वेबसाइट या ऐप को तेज स्पीड, कम लेटेंसी या प्राथमिकता नहीं दी जा सकती और न ही किसी सेवा की स्पीड जानबूझकर कम की जा सकती है। भारत में Net Neutrality के नियमों को आधिकारिक तौर पर 2018 में लागू किया गया था, ताकि सभी यूजर्स को समान इंटरनेट अनुभव मिल सके।

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