Govt Warns to Mobile Users: अगर आपके पास स्मार्टफोन है तो आपके लिए बेहद जरूरी खबर है। दरअसल भारत सरकार की तरफ से करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। सरकार ने यह वॉर्निंग लोगों को साइबर अपराध से बचाने के मद्देनजर जारी की है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने (I4C) ने स्मार्टफोन यूजर्स से अपने फोन से कुछ खतरनाक ऐप्स को तुरंत डलीट करने के लिए कहा है।
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए सरकारी ने जारी की चेतावनी। (फोटो क्रेडिट-iStock)
साइबर क्रिमिनल्स नागरिकों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वे अब सिम कार्ड, मोबाइल ऐप्स और दूसरी तरह के ठगी के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा के लिए I4C समय-समय पर स्मार्टफोन यूजर्स के लिए वॉर्निंग जारी करता रहता है। इस बार सरकार ने मोबाइल यूजर्स से ऐसे ऐप्स को तुरंत हटाने के लिए कहा है जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी चुरा सकते हैं।
इन ऐप्स को तुरंत करें डिलीट
सरकारी क्राइम पोर्टल की तरफ से खासतौर पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स जैसे- AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport को अपने मोबाइल से हटाने की सख्त सलाह दी है। ये ऐप्स यूजर्स के मोबाइल की पूरी स्क्रीन को किसी और के साथ शेयर कर सकते हैं। इससे फोन पर आने वाले OTP, बैंक रिलेटेड मैसेज आदि की डिटेल्स क्रिमिनल्स तक पहुंच सकती है। क्रिमिनल्स इन ऐप्स के जरिए न सिर्फ आपकी पर्सनल जानकारी चुरा सकते हैं बल्कि आपके फोन का पूरा कंट्रोल भी अपने हांथ में ले सकते हैं।
कभी न इंस्टाल करें ऐसे ऐप्स
सरकार के मुताबिक कई बार लोग अनजाने में ऐप्स को इंस्टाल कर लेते हैं और उन्हें इसके नुकसान का अंदाजा भी नहीं होता। ऐप्स इंस्टालिंग प्रॉसेस के दौरान कई तरह की परमीशन यूजर्स से लेते हैं और इससे साइबर क्रिमिनल्स यूजर्स के फोन की स्क्रीन पर होने वाली एक्टिविटी को लाइव देख सकता है। I4C ने इन स्क्रीन शेयर ऐप्स को दोबार कभी न इंस्टाल करने की सलाह दी है।
फ्रॉड होने पर यहां करें शिकायत
यदि आप अनजाने में किसी भी तरह से साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं तो आपको तुरंत इसकी शिकायत www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर जाकर करनी चाहिए। इसके साथ ही आप 1930 नंबर पर कॉल करके साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
