दिल्ली हाई कोर्ट में Google और Meta ने कहा- हर पोस्ट की निगरानी करना संभव नहीं, हम 'सुपर सेंसर' नहीं बन सकते

यह मामला वकील वैभव सिंह की याचिका से जुड़ा है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसा सिस्टम बनाने का निर्देश दिया जाए, जिससे कानून का उल्लंघन करने वाले पोस्ट अपने आप पहचानकर हटा दिए जाएं।

टेक कंपनियों Google और Meta ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाली जाने वाली हर पोस्ट की पहले से जांच करना और उसे हटाना न तो कानून के तहत जरूरी है और न ही व्यवहारिक रूप से संभव है। कंपनियों का कहना है कि उन्हें "सुपर सेंसर" नहीं बनाया जा सकता, जो यह तय करें कि कौन-सा कंटेंट कानूनी है और कौन-सा नहीं।

Delhi high court meta google

कंपनियों ने कोर्ट से कहा कि हर एक पोस्ट की पहले से जांच कर पाना बेहद मुश्किल है।

आपको बता दें कि यह मामला वकील वैभव सिंह की याचिका से जुड़ा है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसा सिस्टम बनाने का निर्देश दिया जाए, जिससे कानून का उल्लंघन करने वाले पोस्ट अपने आप पहचानकर हटा दिए जाएं।

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