Twitter Blue Ticks Cost: आज से ट्विटर ने कई वेरिफाइड यूजर्स का ब्लू टिक बैज हटाना शुरू कर दिया है। इसमें गौतम अडानी, रतन टाटा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई सेलिब्रेटी के ब्लू टिक हट गए हैं। ऐसे इस टिक को फिर से वापस पाने के लिए ट्विटर ब्लू की मेंबरशिप लेनी होगी। ऐसे में हम आज आपको बताने जा रहे हैं कि ट्विटर ब्लू टिक के साथ आपको कौन कौन सी सर्विसेज मिल रही हैं, इनके चार्ज क्या हैं और इनको लेने के बाद आपको क्या फायदा मिलेगा।
भारत में ब्लू टिक का चार्ज
भारत में ब्लू टिक का चार्ज
ट्विटर ब्लू टिक की कीमत हर देश में अलग-अलग है। भारत में एड्रॉयड यूजर्स के लिए ट्विटर ब्लू सब्क्रिप्शन की कीमत 900 रुपये मंथली है और सालाना 9,400 रुपये है। जबकि iOS यानी एप्पल यूजर्स के लिए सालाना चार्ज 9,400 रुपये है। जबकि वेब यूजर के लिए ये 650 रुपये है। नए नियम के मुताबिक यदि आप ये सब्सक्रिप्शन नहीं लेते हैं तो आपके अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया जाएगा।
क्या सुविधाएं मिलेंगी
ट्विटर ब्लू टिक के साथ मिलने वाली सर्विसेज में सबसे पहले ब्लू टिक मिलेगा। जो इस बात का संकेत है कि आपका सोशल मीडिया ट्विटर अकाउंट ट्विटर के द्वारा वेरिफाइड है। इसके जरिए आपको करीब 60 मिनट तक के लंबे वीडियो पोस्ट करने की सर्विस मिलती है जो आम फ्री यूजर्स को नहीं मिल पाती है। आपको ट्वीट के एडिट ऑप्शन के साथ जिन ट्वीट्स से आप इंटरैक्ट करते हैं, उनके जवाबों को प्राथमिकता देने की फैसिलिटी मिलती है। इसके अलावा SMS के जरिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन तक पहुंच आपको मिल सकती है जिससे आपका ट्विटर अकाउंट ज्यादा सुरक्षित हो जाता है।
ब्लू टिक हासिल करने के नियम
ट्विटर के इस पेड वेरिफिकेशन फीचर यानी ब्लू टिक कैटेगरी के लिए कुछ नियम भी हैं। पहली शर्त ये है कि आपका अकाउंट कम से कम 90 दिन पुराना होना चाहिए। पिछले 30 दिनों से एक्टिव होना चाहिए। इसमें एक डिस्प्ले नाम और प्रोफाइल पिक्चर होनी चाहिए और एक कन्फर्म फोन नंबर के साथ यूजर नेम भी होना चाहिए।
ट्विटर का गोल्ड बैज और ग्रे चेक-मार्क क्या है?
कंपनियों के लिए ट्विटर ने हाल ही में एक गोल्ड बैज पेश किया है और सरकारी अकाउंट्स को एक ग्रे चेक-मार्क दिया है। यही वजह है कि नरेद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट में ग्रे टिक देखने को मिलता है। ट्विटर ने 2009 में वेरिफाइड अकाउंट्स का फीचर पेश किया था ताकि यूजर्स को सेलेब्रिटी, पॉलिटिशियन, कंपनी, ब्रांड्स, न्यूज एजेंसी और पब्लिक इंटरेस्ट के बाकी अकाउंट्स के रियल अकाउंट्स की पहचान करने में मदद मिल सके। इससे पहले ट्विटर ने इस सर्विस के लिए कोई चार्ज नहीं रखा था।
