फेसबुक अपने यूजर्स के लिए ऐप के इस्तेमाल का तरीका बदलने की तैयारी कर रहा है। कंपनी भारत में एक नए Reels-first experience की टेस्टिंग कर रही है। इसके तहत चुनिंदा यूजर्स को फेसबुक खोलते ही सामान्य Feed के बजाय सीधे फुल-स्क्रीन वीडियो दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव का मकसद फेसबुक पर वीडियो कंटेंट को ज्यादा प्रमुख बनाना है।
यूजर्स वापस पा सकेंगे पुराना Feed/Photo-Meta
ऐप खुलते ही वीडियो से होगी शुरुआत
अभी फेसबुक खोलने पर यूजर्स को टेक्स्ट, फोटो और वीडियो वाला सामान्य Feed दिखाई देता है। नए Reels-first इंटरफेस में यह अनुभव बदल जाएगा। टेस्ट में शामिल यूजर्स के लिए ऐप खुलते ही वीडियो कंटेंट स्क्रीन पर आ सकता है। यानी फेसबुक का इस्तेमाल शुरू करने के लिए वीडियो ही पहला अनुभव होगा।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी पुराने Feed को हटा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य Feed ऐप में एक अलग टैब के तौर पर उपलब्ध रहेगा। यूजर्स जरूरत के मुताबिक वहां जाकर पारंपरिक फेसबुक Feed देख सकेंगे।
यूजर्स वापस पा सकेंगे पुराना Feed
फेसबुक के इस टेस्ट में शामिल यूजर्स को Feed-first अनुभव पर वापस जाने का विकल्प भी मिल सकता है। यानी अगर किसी यूजर को सीधे वीडियो से शुरुआत करना पसंद नहीं आता है, तो वह पुराने तरीके से फेसबुक इस्तेमाल कर सकेगा। यह बदलाव फिलहाल सीमित यूजर्स के साथ टेस्ट किया जा रहा है। इसलिए सभी फेसबुक यूजर्स को अभी यह नया इंटरफेस दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है।
भारत में पहले भी टेस्ट कर चुका है Meta
भारत में Meta पहले भी वीडियो से जुड़े नए फीचर्स की टेस्टिंग कर चुका है। 2020 में TikTok पर प्रतिबंध के बाद Instagram ने भारत में Reels से जुड़े बदलावों को तेजी से आगे बढ़ाया था। इसके बाद कंपनी ने भारत और दक्षिण कोरिया में सीमित संख्या में Instagram यूजर्स के लिए Reels-first अनुभव भी टेस्ट किया था। इस अनुभव में ऐप खोलते ही सामान्य Feed के बजाय वीडियो कंटेंट सामने आता था। अब फेसबुक पर किया जा रहा नया टेस्ट भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Meta के लिए भारत क्यों है खास?
वीडियो स्ट्रैटेजी के लिहाज से भारत Meta के लिए बेहद अहम बाजार है। रिपोर्ट में Meta के विज्ञापन टूल्स के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि भारत में फेसबुक की ऑडियंस 40 करोड़ से ज्यादा है। इतनी बड़ी यूजर संख्या की वजह से भारत कंपनी के लिए नए फीचर्स और वीडियो अनुभव को टेस्ट करने का महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में फेसबुक के इस्तेमाल का तरीका काफी हद तक बदल सकता है और वीडियो कंटेंट प्लेटफॉर्म के अनुभव का शुरुआती हिस्सा बन सकता है।
