भारत-जापान साझेदारी के चार प्रमुख स्तंभ (AP Photo/Jenny Kane)
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को भारत को डेटा सेंटर के लिए एक आकर्षक और भरोसेमंद गंतव्य बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के लिए भारत जापानी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकता है। गोयल के मुताबिक, दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से भारत को करीब 200 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता मिल चुकी है। इससे देश में डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत-जापान साझेदारी के चार प्रमुख स्तंभ/Photo-AI
भारत-जापान साझेदारी के चार प्रमुख स्तंभ
PTI/भाषा के मुताबिक जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री अकाजावा रयोसेई के साथ बैठक में गोयल ने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों पर जोर दिया। इनमें व्यापार बढ़ाना, तकनीकी सहयोग मजबूत करना, निवेश को बढ़ावा देना और पर्यटन को प्रोत्साहित करना शामिल हैं।
गोयल ने कहा कि डेटा सेंटर ऐसा क्षेत्र है, जहां भारत जापान के लिए भरोसेमंद साझेदार और आकर्षक निवेश गंतव्य बन सकता है। उन्होंने जापानी कंपनियों के साथ भारत में डेटा सेंटर के विकास की संभावनाओं पर मिलकर काम करने की बात कही।
Google, Microsoft और Amazon ने किया बड़ा निवेश ऐलान
भारत में डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां पहले ही बड़े निवेश की घोषणा कर चुकी हैं। पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच Google ने 15 अरब डॉलर, Microsoft ने 17.5 अरब डॉलर और Amazon ने 35 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। इन निवेशों में डेटा सेंटर और AI से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास भी शामिल है।
सरकार डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे देने का प्रस्ताव भी लेकर आई है। इससे देश में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों के लिए भारत को और प्रतिस्पर्धी बनाने की कोशिश की जा रही है।
AI और सेमीकंडक्टर में भी भारत-जापान सहयोग
गोयल ने कहा कि भारत के पास ऐसी क्षमताएं हैं, जो जापान की तकनीकी प्रगति को मजबूती दे सकती हैं। दोनों देशों के बीच AI, सेमीकंडक्टर और इससे जुड़े पूरे इकोसिस्टम में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई है।
उन्होंने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पादों और तकनीकों की बड़ी मांग है और इस बाजार का आकार करीब 150 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में दोनों देशों की कंपनियों के लिए मिलकर काम करने के बड़े अवसर मौजूद हैं।
जापान में भारतीय कुशल कामगारों की बढ़ती मांग
जापान में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि वहां कई तरह के भारतीय कामगारों और पेशेवरों की मांग है। इनमें केयरगिवर, नर्स, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, राजमिस्त्री और बढ़ई जैसे कुशल कामगारों के अलावा AI विशेषज्ञ, इंजीनियर, PhD धारक और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे उच्च-कुशल पेशेवर भी शामिल हैं।
उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों को जापानी भाषा और संस्कृति सीखने की सलाह दी। गोयल ने कहा कि भाषा और संस्कृति की समझ विकसित करने से जापान में भारतीयों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर खुल सकते हैं।
जापान में 60 हजार से ज्यादा भारतीय
गोयल ने यह भी कहा कि जापान से भारत भेजी जाने वाली राशि देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान देती है। वर्तमान में जापान में 60,000 से अधिक भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं। भारत-जापान के बीच तकनीक, निवेश, व्यापार और कुशल मानव संसाधन के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत कर सकता है।
