दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बहस तेज होती जा रही है। अब माइक्रोसॉफ्ट के एआई CEO मुस्तफा सुलेमान (Mustafa Suleyman) ने दावा किया है कि अगले 18 महीनों के भीतर AI अधिकांश व्हाइट-कॉलर यानी ऑफिस आधारित नौकरियों को पूरी तरह ऑटोमेट कर सकता है। उन्होंने कहा कि अकाउंटिंग, लीगल, मार्केटिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे पेशों में AI इंसानों की जगह लेने की क्षमता तेजी से हासिल कर रहा है।
18 महीनों में खत्म हो सकती हैं व्हाइट-कॉलर नौकरियां? माइक्रोसॉफ्ट AI प्रमुख की चेतावनी से बढ़ी चिंता/Photo-Canva
“कंप्यूटर पर बैठकर होने वाले काम AI करेगा”
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में सुलेमान ने कहा कि जिन कार्यों में “कंप्यूटर पर बैठकर काम करना” शामिल है, उनमें AI जल्द ही मानव स्तर का प्रदर्शन करने लगेगा। उनका मानना है कि आने वाले समय में AI मॉडल अधिकांश प्रोफेशनल टास्क इंसानों से बेहतर तरीके से कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि कंप्यूटिंग पावर में तेजी से हो रही वृद्धि इस बदलाव का सबसे बड़ा संकेत है।
AI इंडस्ट्री के दिग्गज भी जता चुके हैं चिंता
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े टेक लीडर ने ऐसी चेतावनी दी हो। इससे पहले सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई भी AI के कारण नौकरियों पर खतरे की बात कह चुके हैं। वहीं एलन मस्क ने हाल ही में कहा था कि इंसान जैसी बुद्धिमत्ता वाला आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) इसी साल आ सकता है।
वास्तविक असर अभी सीमित
हालांकि विशेषज्ञों की भविष्यवाणियों के बावजूद फिलहाल AI का असर सीमित नजर आ रहा है। 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार वकील, अकाउंटेंट और ऑडिटर AI का उपयोग दस्तावेजों की जांच और रूटीन विश्लेषण जैसे सीमित कार्यों में कर रहे हैं। कई मामलों में उत्पादकता में मामूली सुधार देखने को मिला है, लेकिन बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने जैसे संकेत अभी साफ नहीं हैं।
कुछ मामलों में AI से काम और धीमा हुआ
एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के काम में AI के इस्तेमाल से टास्क पूरा करने में 20 प्रतिशत अधिक समय लगा। इससे यह संकेत मिला कि हर क्षेत्र में AI फिलहाल उम्मीद के मुताबिक असर नहीं दिखा पा रहा है।
टेक कंपनियों में दिखने लगा बदलाव
इसके बावजूद टेक इंडस्ट्री में AI का प्रभाव साफ दिखाई देने लगा है। इस साल अब तक लगभग 49 हजार से ज्यादा नौकरी कटौती AI से जुड़ी बताई गई हैं। Microsoft ने भी पिछले वर्ष हजारों कर्मचारियों की छंटनी की थी। कंपनी के CEO सत्या नडेला ने कहा था कि नई AI आधारित दुनिया के लिए कंपनी को खुद को फिर से तैयार करना होगा।
“सुपरइंटेलिजेंस” बनाना है लक्ष्य
मुस्तफा सुलेमान का कहना है कि उनका अंतिम लक्ष्य “सुपरइंटेलिजेंस” विकसित करना है। वह चाहते हैं कि Microsoft अपनी स्वतंत्र AI तकनीक तैयार करे और बाहरी कंपनियों पर निर्भरता कम करे। उनका मानना है कि भविष्य में हर संस्था और व्यक्ति अपनी जरूरत के हिसाब से AI मॉडल तैयार कर सकेगा।
