इंटरनेट सिक्योरिटी फर्म ESET की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, एंड्रॉयड मैलवेयर के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा एंड्रॉयड ट्रोजन मैलवेयर हमारे देश में ही पाए जाते हैं और इस साल की दूसरी छमाही में यह 9.5% की दर से बढ़ रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, मैलवेयर फैलाने में GB WhatsApp का सबसे बड़ा हाथ है।
अगर WhatsApp का ये वर्जन फोन में हो तो तुरंत करें डिलीट (Photo- UnSplash)
क्या है GB WhatsApp?
ये GB WhatsApp ओरिजनल WhatsApp का ट्विक्ड वर्जन है। ये रेगुलरे प्लेटफॉर्म की तुलना ज्यादा फीचर्स उपलब्ध कराता है। ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर नहीं मिलता। ऐसे में इसे लोग एक्सटर्नल सोर्सेज से इसके APK फाइल को डाउनलोड कर ऐप को डिवाइस में इंस्टॉल करते हैं।
कैसे एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर हो रहा है इसका असर?
जैसे ही इस ऐप को किसी एक्सटर्नल सोर्स से स्मार्टफोन में इंस्टॉल किया जाता है। खतरनाक कोड्स बैकग्राउंड में ऑपरेट करना शुरू कर देते हैं। लेकिन, छुप कर ऑपरेट होने की वजह से यूजर्स इन्हें पहचान नहीं पाते। इसका उदाहरण Trojan मैलवेयर है। ऐसे मैलवेयर डिवाइस की डेली परफॉर्मेंस को नहीं खराब करते। लेकिन, ये यूजर्स को पर्सनल डेटा चुराते रहते हैं।
अपनी डिवाइस को मैलवेयर से ऐसे बचाएं:
- गूगल प्ले स्टोर के अलावा किसी और सोर्स से ऐप इंस्टॉल ना करें।
- इसी तरह किसी मॉडिफाइड ऐप्स को भी ना यूज करें। जब तक खुद डेवलपर ने ही उस वर्जन को जारी ना किया हो।
- अगर गलती से आपको अपनी डिवाइस में मैलवेयर का पता लग जाए तो तुरंत इंटरनेट ऑफ कर फोन को फुल फैक्ट्री रीसेट कर दें।
