Apple Work From Home: एप्पल (Apple) के कर्मचारी अपने कंपनी के प्रबंधन से खुश नहीं हैं। एप्पल के कुछ कर्मचारी सप्ताह में 3 दिन ऑफिस से काम करने का विरोध कर रहे हैं। इसमें Apple टुगेदर नाम के एक समूह शामिल हैं। जिसका कहना है कि कंपनी के कुछ का ऑफिस नहीं आने के बावजूद काम करना संभव है। ऐसे में कंपनी को डिमांड के मुताबिक लचीले वर्क कल्चर को बढ़ावा देना चाहिए। अंदरूनी सोर्स के हवाले से बताया जा रहा है कि कर्मचारियों का एक बड़ा गुट लचीले काम वाली पॉलिसी के समर्थन में है। मामले से परिचित व्यक्ति ने बताया कि 10,000 से अधिक कर्मचारियों रिमोट-वर्क की वकालत कर रहे हैं और COVID-19 महामारी के दौरान जो नीति थी उसी मुताबिक काम करने को कह रहे हैं।
एप्पल ऑफिस
नहीं मिला वर्क फ्रॉम होम तो छोड़ी कंपनी
एक पूर्व कर्मचारी ने यह भी बताया कि कंपनी की अनिवार्य रिटर्न-टू-ऑफिस नीति के कारण उसने Apple छोड़ दिया था। एक कर्मचारी ने कहा कि ऑफिस के मुकाबले वह घर पर अधिक सहज और अधिक उत्पादक महसूस करता था। कुछ कर्मचारियों का मानना है कि कार्यालय से काम करने के लिए एप्पल का अनिवार्य नियम "नवाचार के विपरीत" है। एक कर्मचारी ने यह भी कहा कि ऑफिस आने के बाद भी ज्यादातर मीटिंग तो वर्चुअल रूप या ऑनलाइन होती हैं।
एप्पल ने कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम के खिलाफ दी थी चेतावनी
बता दें कि COVID मामलों में गिरावट के बाद अगस्त 2022 में Apple ने अपनी वर्क फ्रॉम होम नीति को बदलना शुरू कर दिया था। कर्मचारियों सीईओ टिम कुक ने कहा था कि संशोधित ढांचा कंपनी की "व्यक्तिगत सहयोग को संरक्षित करते हुए" लचीले ढंग से काम करने की क्षमता को बढ़ाएगा जो कि Apple की "संस्कृति" के लिए आवश्यक है। वहीं इस साल मार्च में, कंपनी ने कथित तौर पर कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम के खिलाफ चेतावनी दी थी और सख्त कार्रवाई करने को भी कहा था।
कई कंपनियों में है हाइब्रिड मोड
Apple ने अपनी बैक टू ऑफिस पॉलिसी का बचाव किया है और कहा है कि कोरोना से पहले ऑफिस से काम करना था। Apple टुगेदर तत्काल प्रबंधक के साथ सीधे समन्वय करके कार्यालय से काम पर अधिक लचीलेपन की मांग कर रहा है। समूह ने एक खुला पत्र प्रकाशित किया है, जिस पर अब तक 1,258 हस्ताक्षर हो चुके हैं। सिर्फ Apple ही नहीं, कई टेक कंपनियां हाइब्रिड तरीके से काम कर रही हैं। यह स्विच ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में बढ़ती महंगाई के बीच कई टेक कंपनियां वित्तीय अनिश्चितताओं का सामना कर रही हैं। सभी प्रमुख टेक दिग्गज जैसे Google, Microsoft, Amazon, HP और Meta हाइब्रिड मोड में काम कर रहे हैं।
