अमेजन और फ्लिपकार्ट की बड़ी फेस्टिव सेल शुरू होने वाली है। Amazon Great Indian Festival और Flipkart Big Billion Days में स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, होम अप्लायंसेज समेत कई महंगे सामान पर आकर्षक डिस्काउंट मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अगर आप भी सेल के दौरान कोई बड़ा सामान खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो सिर्फ डिस्काउंट देखकर खरीदारी न करें। सामान की कीमत चुकाने के लिए आप पूरा पेमेंट एक साथ, Consumer Durable Loan या Credit Card EMI जैसे विकल्पों में से किसी एक को चुन सकते हैं। हर विकल्प के अपने फायदे और नुकसान हैं। इसलिए खरीदारी से पहले यह देखना जरूरी है कि आखिर में आपकी जेब से कुल कितने पैसे जाएंगे।
फेस्टिव सीजन के दौरान सिर्फ बड़े डिस्काउंट ऑफर देखकर ही खरीदारी नहीं करना चाहिए।
Amazon और Flipkart की सेल कब शुरू होगी?
Amazon और Flipkart दोनों की फेस्टिव सेल 8 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। Flipkart पर कुछ चुनिंदा ग्राहकों को 8 अक्टूबर से ही Early Access मिलेगा, जबकि बाकी ग्राहक 9 अक्टूबर से सेल का फायदा उठा सकेंगे। Amazon की फेस्टिव सेल भी 8 अक्टूबर से शुरू होगी। सेल के दौरान कंपनियां अलग-अलग पेमेंट ऑप्शन के साथ अतिरिक्त डिस्काउंट, कैशबैक और EMI ऑफर दे सकती हैं।Cash से पेमेंट करना कब सही हो सकता है?
अगर आपके पास पर्याप्त पैसा है और वह आपकी इमरजेंसी फंड या किसी जरूरी कामों के लिए अलग नहीं रखा गया है, तो सामान का पूरा पेमेंट एक साथ करना आसान विकल्प हो सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको आगे कोई EMI नहीं चुकानी पड़ेगी। इसके अलावा कई बार फुल पेमेंट करने पर इंस्टेंट डिस्काउंट या दूसरे ऑफर भी मिल सकते हैं।हालांकि, सिर्फ डिस्काउंट के चक्कर में अपनी पूरी सेविंग खर्च कर देना सही नहीं होगा। खरीदारी के बाद भी आपके पास इमरजेंसी के लिए पर्याप्त पैसा बचा रहना चाहिए।
Consumer Durable Loan कब लिया जा सकता है?
अगर आपके पास Credit Card नहीं है या कार्ड की लिमिट कम है, तो Consumer Durable Loan एक विकल्प हो सकता है। लेकिन लोन लेने से पहले सिर्फ EMI की रकम देखकर फैसला न करें। Interest Rate, Processing Fee, GST और दूसरे चार्ज जरूर चेक करें। कई बार कम EMI देखकर कोई ऑफर अच्छा लगता है, लेकिन लंबी अवधि में ब्याज और फीस की वजह से सामान की कुल लागत बढ़ सकती है।Credit Card EMI में क्या ध्यान रखें?
Credit Card EMI से महंगा सामान खरीदने पर एक साथ बड़ी रकम देने का दबाव कम हो जाता है। आप खरीदारी की रकम को कई महीनों में बांटकर चुका सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि आपके Credit Card की लिमिट का एक हिस्सा EMI की अवधि तक इस्तेमाल में रहेगा। इसलिए खरीदारी से पहले देखें कि नई EMI जुड़ने के बाद आपके हर महीने के बजट पर कितना असर पड़ेगा।No-Cost EMI का मतलब पूरी तरह फ्री नहीं
सेल के दौरान No-Cost EMI का ऑफर काफी आकर्षक दिखाई देता है, लेकिन इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि इसमें किसी तरह का अतिरिक्त खर्च बिल्कुल नहीं होगा। ऐसे ऑफर्स में आमतौर पर ब्याज की रकम को मर्चेंट या सेलर की तरफ से दिए जाने वाले डिस्काउंट के जरिए एडजस्ट किया जाता है। इसके बावजूद ब्याज वाले हिस्से पर GST या Processing Fee जैसे चार्ज लग सकते हैं। इसलिए No-Cost EMI लेने से पहले पूरी शर्तें पढ़ना जरूरी है।EMI लेने पर डिस्काउंट या Cashback तो नहीं छूट रहा?
यह भी एक जरूरी बात है। कई बार फुल पेमेंट करने पर ज्यादा Instant Discount या Cashback मिलता है, जबकि EMI लेने पर वही ऑफर कम हो सकता है या उपलब्ध नहीं होता। इसके अलावा यह भी चेक करें कि EMI लेने पर Credit Card के Reward Points मिलेंगे या नहीं। अगर आप भविष्य में EMI को समय से पहले खत्म करना चाहते हैं, तो Foreclosure Charges के बारे में भी पहले जानकारी ले लें।कितनी EMI आपके बजट के लिए ठीक है?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी सामान की EMI सिर्फ इसलिए न चुनें क्योंकि उसकी मासिक किस्त छोटी दिखाई दे रही है। आपको Interest Rate, Processing Fee, Tax, Discount और Foreclosure Terms समेत पूरी लागत को देखना चाहिए।एक व्यावहारिक तौर पर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आपकी सभी EMIs—जैसे Home Loan, Car Loan और Personal Loan—मिलाकर आपकी मासिक Take-Home Income के करीब 30-35% से ज्यादा न हों। हालांकि यह कोई सरकारी या अनिवार्य नियम नहीं है। आपकी सही क्षमता आपकी आय, खर्च और पहले से चल रही देनदारियों पर निर्भर करती है।
छोटी-छोटी कई EMI मिलकर बड़ा बोझ बन सकती हैं
फेस्टिव सेल में सबसे बड़ा खतरा तब हो सकता है जब ग्राहक एक साथ कई सामान EMI पर खरीद ले। उदाहरण के लिए, Smartphone की एक EMI, TV की दूसरी और Washing Machine या दूसरे Appliance की तीसरी EMI अलग-अलग देखने पर छोटी लग सकती है। लेकिन तीनों को जोड़ने पर हर महीने काफी बड़ा भुगतान करना पड़ सकता है। इसलिए Buy Now पर क्लिक करने से पहले अपनी मौजूदा EMIs और हर महीने के जरूरी खर्चों को जरूर देखें।खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- हर पेमेंट ऑप्शन में सामान की कुल कीमत कितनी पड़ रही है, यह देखें।
- सिर्फ कम EMI देखकर फैसला न लें।
- Processing Fee, GST और दूसरे चार्ज चेक करें।
- Cash Payment पर मिलने वाला Discount या Cashback जरूर देखें।
- EMI लेने पर मिलने वाले Reward Points की शर्तें पढ़ें।
- समय से पहले EMI खत्म करने पर लगने वाले Foreclosure Charges के बारे में जानें।
- एक साथ कई EMI लेने से बचें। इससे भविष्य में आप पर एक्स्ट्रा बर्डन नहीं पड़ेगा
- खरीदारी के बाद भी Emergency Fund के लिए पर्याप्त पैसा बचा रहना चाहिए। अपनी मौजूदा EMI और मासिक खर्चों को ध्यान में रखकर ही नया भुगतान तय करें।
- फेस्टिव सेल में बड़ी छूट देखकर खरीदारी करना आसान है, लेकिन असली फायदा तभी है जब सामान आपकी जरूरत और बजट दोनों में फिट हो।
अगर आपके पास पर्याप्त अतिरिक्त पैसा है और उससे आपकी Emergency Savings या दूसरे जरूरी Financial Goals प्रभावित नहीं होते, तो पूरा पेमेंट करने से भविष्य की EMI से बचा जा सकता है।
वहीं, अगर एक साथ पूरा भुगतान करना मुश्किल है, तो EMI सुविधा मददगार हो सकती है। लेकिन फैसला लेने से पहले यह जरूर देखें कि कुल कितने पैसे चुकाने होंगे और हर महीने की EMI आपके बजट में आसानी से फिट हो रही है या नहीं।
