AI ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का कंप्यूटर हैक किया, लाखों की सैलरी पाने वाले हैकर्स को दी मात

ARTEMIS ने करीब 8,000 डिवाइसेज जिनमें सर्वर, कंप्यूटर और स्मार्ट सिस्टम शामिल थे, को स्कैन किया। नतीजा हैरान करने वाला रहा। ARTEMIS ने 10 में से 9 प्रोफेशनल पेनिट्रेशन टेस्टर्स से बेहतर प्रदर्शन किया और कई ऐसी कमजोरियां पकड़ लीं, जिन्हें अनुभवी मानव हैकर्स भी नजरअंदाज कर गए।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंसानों के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा अब साइबर सुरक्षा के मैदान में भी साफ दिखने लगी है। अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ट यूनिवर्सिटी (Stanford University) में हुए एक चौंकाने वाले प्रयोग में एक AI एजेंट ने वह कर दिखाया, जो अब तक सिर्फ अनुभवी हैकर्स का काम माना जाता था। इस AI ने न सिर्फ स्टैनफोर्ड के कंप्यूटर नेटवर्क में छिपी कमजोरियों को खोज निकाला, बल्कि छह अंकों की सैलरी पाने वाले प्रोफेशनल हैकर्स को भी पीछे छोड़ दिया।

AI hacks Stanford University's computer

AI hacks Stanford University's computer /photo-AI

स्टैनफोर्ड नेटवर्क बना AI बनाम इंसान की जंग का मैदान

स्टैनफोर्ड के रिसर्चर्स द्वारा विकसित इस AI एजेंट का नाम ARTEMIS है। इसे विश्वविद्यालय के प्राइवेट और पब्लिक कंप्यूटर साइंस नेटवर्क पर 16 घंटे के लिए टेस्ट किया गया। इस दौरान ARTEMIS ने करीब 8,000 डिवाइसेज जिनमें सर्वर, कंप्यूटर और स्मार्ट सिस्टम शामिल थे, को स्कैन किया। नतीजा हैरान करने वाला रहा। ARTEMIS ने 10 में से 9 प्रोफेशनल पेनिट्रेशन टेस्टर्स से बेहतर प्रदर्शन किया और कई ऐसी कमजोरियां पकड़ लीं, जिन्हें अनुभवी मानव हैकर्स भी नजरअंदाज कर गए।

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