आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल आज हर क्षेत्र में हो रहा है। एआई से एक कदम आगे एआई एजेंट्स हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने दावा किया है कि एक AI-पावर्ड ट्रेडिंग एजेंट ने कुछ ही घंटों में बड़ी कमाई कर दी। एक्स यूजर 0x_Discover के दावे के अनुसार उनके AI एजेंट ने लगभग 12,000 डॉलर (करीब 11.08 लाख रुपये) के निवेश को रातों-रात 43,800 डॉलर यानी लगभग 40.47 लाख रुपये के मुनाफे में बदल दिया।
AI powered agent turns Rs 11 lakh into Rs 40 lakh overnight/Photo-AI
AI एजेंट ने भेजा था अलर्ट
यूजर ने बताया कि उनके OpenClaw नाम के AI एजेंट ने सुबह करीब 3:47 बजे अलर्ट भेजा और 90 मिनट में रिजॉल्व होने वाले छह प्रेडिक्शन मार्केट में 12,000 डॉलर लगाने की अनुमति मांगी। ट्रेडर ने अनुमति दे दी और दोबारा सो गए। बाद में जब वे उठे तो उनके खाते में लगभग 43,800 डॉलर का मुनाफा दर्ज था।
Polymarket पर मिला आर्बिट्राज का मौका
यह AI एजेंट खास तौर पर Polymarket पर टाइम-जोन आर्बिट्राज के अवसर खोजने के लिए बनाया गया था। पोस्ट के अनुसार यह एजेंट जापान सरकार के RSS फीड, यूरोपीय संसद की लाइवस्ट्रीम, ऑस्ट्रेलिया के वित्तीय समाचार, मध्य-पूर्व के फ्लाइट ट्रैकर और एशियाई केंद्रीय बैंकों की घोषणाओं जैसे कई वैश्विक स्रोतों से जानकारी लेता था।
30% से ज्यादा अवसर मिलने पर देता था संकेत
AI एजेंट को एक सरल नियम के साथ प्रोग्राम किया गया था। अगर अमेरिका के समयानुसार रात 2 से 6 बजे के बीच किसी मार्केट में 30 प्रतिशत से ज्यादा का फायदा दिखता, तो यह अलर्ट भेज देता। इसी दौरान छह ऐसे मार्केट मिले जिनमें स्थानीय स्रोतों ने पहले ही संभावित नतीजों का संकेत दे दिया था, लेकिन Polymarket की कीमतें अभी अपडेट नहीं हुई थीं।
वैश्विक घटनाओं से मिला फायदा
पोस्ट में उदाहरण दिए गए कि जापान के ब्याज दर फैसले में जीत की संभावना लगभग 68 प्रतिशत बताई जा रही थी, जबकि मार्केट कीमत केवल 23 सेंट के आसपास थी। इसी तरह यूरोपीय संसद के एक वोट में लाइवस्ट्रीम पर “YES” परिणाम दिख गया था, जबकि मार्केट प्रतिक्रिया अभी नहीं आई थी। इसके अलावा दक्षिण कोरिया की नीति अपडेट, ऑस्ट्रेलिया के व्यापार समझौते, OPEC के उत्पादन कटौती से जुड़े नोट्स और सिंगापुर के संसदीय वोट जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया गया।
टाइम-जोन का फायदा उठाने की रणनीति
यूजर के अनुसार इस रणनीति की सफलता का मुख्य कारण टाइम-ज़ोन का अंतर है। Polymarket के ज्यादातर ट्रेडर अमेरिका में रहते हैं, जबकि कई वैश्विक घटनाएं उस समय होती हैं जब अमेरिका में रात होती है। ऐसे में कुछ समय के लिए मार्केट कीमत और वास्तविक जानकारी के बीच अंतर पैदा हो जाता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह दावा सामने आने के बाद X पर बड़ी बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने पूछा कि आखिर किन मार्केट्स में ट्रेड किया गया था, जबकि कुछ ने कहा कि अगर यह सच है तो टाइम-जोन आधारित जानकारी की देरी मार्केट में अस्थायी अवसर पैदा कर सकती है।
डिस्क्लेमर- टाइम्सनाउ नवभारत ना ही इस दावे की पुष्टि नहीं करता है और ना ही एआई के जरिए बाजार में निवेश की सलाह देता है। कोई भी निवेश अपने फाइनेंशियल प्लानर के सुझाव से ही करें। यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है।
