CWG 2026: जूडो में भारत 'गोल्डन हैट्रिक' से चूका, यामिनी मौर्य ने 57 किग्रा भारवर्ग में जीता सिल्वर मेडल

भारत की जूडिका यामिनी मौर्या ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को जूडो में तीसरा गोल्ड मेडल दिलाने से चूक गईं। महिलाओं के 57 किलो भारवर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की एसेल्या टॉ​परैक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

ग्लास्गो: भारत की जूडिका यामिनी मौर्या ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को जूडो में तीसरा गोल्ड मेडल दिलाने से चूक गईं। महिलाओं के 57 किलो भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की एसेल्या टॉपरैक(Acelya Toprak) को कड़ी टक्कर दी। नियत समय में 0-0 की बराबरी के बाद मुकाबला गोल्डन स्कोर में चला गया। यामिनी तीसरा शीदो (यलो कार्ड) मिलने की वजह से डिस्क्वालीफाई हो गईं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। यामिनी मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए जूडो में मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय बनीं। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत करते हुए उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

Yamini mourya

यामिनी मौर्य(फोटो क्रेडिट AI Generated)

इससे पहले महिलाओं के 48 किलो भारवर्ग में 23 वर्षीय अस्मिता डे ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया और भारत राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। इसके बाद पुरुषों के 60 किलो भारवर्ग में हर्ष सिंह ने गोल्ड मेडल जीतकर भारत की खुशी को दोगुना कर दिया। वो राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले पुरुष खिलाड़ी बनें। इसके बाद यामिनी मौर्य ने स्वर्ण रजत पदक अपने नाम करके ग्लास्गो में भारतीय अभियान का जूडो में अंत किया।

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