टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया हैं। जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यहीं रहेंगे। भारतीय पहलवान व ओलंपियन बजरंग पूनिया ने बताया, 'अभी तक कुछ हुआ नहीं है, यही कारण है कनॉट प्लेस थाने में शिकायत भी दी है। दिल्ली पुलिस उस पर अपनी कार्रवाई करेगी।'
धरना दे रहे पहलवानों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यहीं रहेंगे
पहलवान साक्षी मलिक भी इस मौके पर वहां थी उन्होंने खासी निराशा में कहा कि 'इंतजार करते करते ढाई महीने हो गए हैं, रिपोर्ट सब्मिट हुई है या नहीं हमें नहीं पता, हमारे सामने अब तक कोई भी रिपोर्ट नहीं आई है। अब रिपोर्ट सबके सामने आनी चाहिए। सरकार ने ढाई महीने से हमारी मांग पर एक्शन नहीं लिया'
'हमें कई क्षेत्रों से धमकियां मिल रही हैं'
प्रदर्शनकारी पहलवान ने कहा, 'हमें कई क्षेत्रों से धमकियां मिल रही हैं। दो महीने इन्तजार के बाद हमने थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन पुलिस अधिकारियों ने हमें बाहर निकाल दिया।
दिल्ली: WFI के खिलाफ अपनी शिकायतों को लेकर पहलवान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय पहलवान व ओलंपियन बजरंग… t.co/Zk7L5aJQyN
— ANI (@ANI) Apr 23, 2023
हम नहीं जानते कि यहां क्या हो रहा है। हम अपना धरना फिर शुरू करेंगे और जनता-मंतर पर तब तक धरने पर रहेंगे जब तक हमारी मांगें मान नहीं ली जाती।'
'पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया'
एक प्रदर्शनकारी पहलवान ने कहा कि सात महिला पहलवानों, जिसमें एक नाबालिग शामिल है, ने संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया। पहलवानों के नजदीकी सूत्रों ने कहा कि पहलवानों ने धोखा महसूस किया और अपना धरना फिर शुरू कर सकते हैं जब तक बृज भूषण बर्खास्त नहीं किये जाते।
इस साल जनवरी में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था
विनेश फोगट, रवि दहिया,बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक समेत शीर्ष भारतीय पहलवानों ने इस साल जनवरी में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था जिसमें ब्रज भूषण को प्रधान कार्यालय से हटाने और डब्ल्यूएफआई को भंग करने की मांग की गई थी
