पेरिस: भारत की 29 साल की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचने के मुहाने पर पहुंच गई हैं। महिलाओं के 50 किग्रा भारवर्ग की फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में पहुंचकर विनेश ने भारत के लिए एक पेरिस ओलंपिक में कम से कम सिल्वर मेडल तो पक्का कर दिया है लेकिन उनकी नजर अब गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने पर है। जिसके बाद भारतीय महिला कुश्ती में उनके नाम की मिसालें दी जाएंगी यानी वो एक मिसाल बन जाएंगी।
सारा हिल्डब्रैंट (साभार USA Wrestling)
टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हैं सारा
भारतीय ओलंपिक इतिहास की गोल्डन गर्ल बनने की राह में विनेश फोगाट को अमेरिकी पहलवान सारा हिल्डब्रैंट से पार पाना होगा। 30 वर्षीय सारा टोक्यो ओलंपिक में इसी स्पर्धा की कांस्य पदक विजेता हैं। सारा 50 किग्रा भारवर्ग में छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप में वो चार बार की पदक विजेता हैं। वो पैर अमेरिकन गेम्स चैंपियन भी रह चुकी हैं। सारा का पेरिस ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन रहा है। सेमीफाइनल में उन्होंने मंगोलियाई पहलवान को 5-0 के अंतर से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं क्वार्टर फाइनल में चीनी पहलवान को 7-4 और प्री क्वार्टर फाइनल में अल्जीरिया की पहलवान इब्तिसैम डोडो को 10-0 से मात दी थी। ऐसे में उनसे विनेश को फाइनल में कड़ी टक्कर मिलने का अंदेशा है।
विनेश ने वर्ल्ड चैंपियन को दी पहले राउंड में मात
विनेश पेरिस ओलंपिक में गैरवरीयता प्राप्त खिलाड़ी के रूप में पहुंची थीं। ऐसे में उन्होंने पहले ही राउंड में टोक्यो ओलंपिक की चैंपियन यूई सुसाकी को मात देकर अपने अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने यूरोपियन चैंपियन यूरोप की ओक्साना लिवाच को क्वार्टर फाइनल में पटखनी दी और इसके बाद पैर अमेरिका गेम्स चैंपियन क्यूबा की युसनेलिस को मात देकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। विनेश फोगाट तीन बार की कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन और एक बार की एशियन चैंपियन हैं। साल 2023 के एशियाई खेलों में उन्होंने चोट की वजह से भाग नहीं लिया था। वो दो बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता हैं। लेकिन वो दोनों पदक 53 किग्रा भारवर्ग में आए थे।
