नागोया: भारतीय हॉकी टीम ने चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में 4-3 के अंतर से मात देकर 20वें एशियाई खेलों के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। मैच में शानदार शुरुआत के बाद भारतीय टीम लड़खड़ा गई थी। भारतीय टीम ने मैच के पहले हाफ में शानदार खेल दिखाते हुए 3-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन दूसरा हाफ पूरी तरह पाकिस्तान के नाम रहा। पाकिस्तान ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया और मैच पेनल्टी शूटआउट की ओर जाता दिख रहा था। लेकिन मैच के समाप्त होने से कुछ सेकंड पहले अभिषेक ने निर्णायक फील्ड गोल दागकर भारत को 4-3 से जीत दिला दी और धमाकेदार अंदाज में फाइनल में एंट्री करा दी। भारत के स्टार खिलाड़ियों जर्मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, संजय राणा और सुखजीत सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक मुकाबले के बाद टाइम्स नाउ संवाददाता करिश्मा सिंह से बात की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश...
भारतीय पुरुष हॉकी टीम (फोटो क्रेडिट AI Generated/News Room Verified)
ऐसे ही होते हैं सेमीफाइनल मुकाबले
पाकिस्तान के खिलाफ सांसे रोक देने वाले रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम के खिलाड़ी जर्मनप्रीत सिंह ने कहा, सेमीफाइनल मैच ऐसे ही होते हैं और हमने बिल्कुल उम्मीद की थी कि एक बढ़िया मुकाबला होगा, और मैच वैसा ही हुआ। आखिरी समय तक मैच का रोमांच बरकरार रहा, लेकिन अंत में हम मैच जीत गए। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अब फाइनल में पहुंच गए हैं और हमारा ध्यान अब उसपर ही रहेगा।'
गलतियों से सीखेंगे सबक
मैच में अच्छी शुरुआत के बाद टीम के लड़खड़ाने और लापरवाही के बारे में जर्मनप्रीत ने कहा, मुझे लगता है कि हम तीसरे और चौथे क्वार्टर में डिफेंस में काफी पिछड़ गए थे। हालांकि हमारे पास कल का दिन है और हमारा यही फोकस रहेगा कि हम विश्लेषण करें कि किस-किस एरिया में हमने ज्यादा गलतियां कीं, जिसकी वजह से 3-3 की बराबरी हुई। हमारा यही प्रयास रहेगा कि आने वाले मैचों में यदि हम बढ़त हासिल करते हैं, तो उस बढ़त को बरकरार रखें और एक अच्छी जीत दर्ज करें। आखिरी पल में सभी खिलाड़ियों ने बहुत धैर्य और आपसी समझदारी के साथ खेल दिखाया, जिससे हमें वह चौथा गोल मिला।
लगातार दूसरी बार गोल्ड जीतने की होगी कोशिश
एशियाई खेलों में हॉकी का फाइनल 2028 ओलंपिक क्वालीफायर भी है ऐसे में क्या टीम पर इस वजह से दबाव होगा? इसके जवाब में जर्मनप्रीत सिंह ने कहा, हम इसे दबाव तो नहीं कह सकते क्योंकि यह हमारे लिए एक शानदार अवसर है, क्योंकि इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि हमने लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीते हों। साथ ही ओलंपिक में क्वालीफाई करने का एक बहुत अच्छा मौका है। हम इसी माइंडसेट के साथ एशियाई खेलों में आए थे कि हमें ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करके ही जाना है। मुझे उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे और गोल्ड मेडल हासिल करेंगे।
आखिरी पल में गोल करने का था भरोसा
सेमीफाइनल में आखिरी पल में मिली जीत के बारे में सुखजीत ने कहा, हम सभी को एक-दूसरे पर पूरा भरोसा था कि हम आखिरी सेकंड में भी गोल कर सकते हैं और वैसा ही हुआ। तीन-तीन की बराबरी के बावजूद हमने आखिरी 40 सेकंड में गोल कर दिया।' पाकिस्तान द्वारा सेकेंड हॉफ में की वापसी के बारे में सुखजीत ने कहा, हमें पूरा विश्वास था कि हम अपनी बढ़त को आगे बढ़ाएंगे और और गोल करेंगे। हमने यही बात की थी कि एक-दूसरे पर ट्रस्ट रखेंगे। हम अपनी बेसिक चीज़ों पर काम करेंगे और डी के अंदर जो भी मौके मिलेंगे उसे या तो पेनल्टी कॉर्नर (PC) में बदलेंगे या गोल करेंगे। उन्होंने अंत में कहा, इस मैच में हमसे जो भी गलतियां हुई हैं, उन पर ध्यान देंगे ताकि आने वाले फाइनल में ऐसी कोई गलती न दोहराएं। आखिरी सेकंड में गोल करके मैच जीतना टीम के एक-दूसरे पर भरोसे को दिखाता है, एज़ ए टीम यह काफी अच्छा परफॉरमेंस था। फैन्स के लिए उन्होंने कहा, ऐसे ही सपोर्ट करते रहिए और हम फाइनल में गोल्ड मेडल लेकर जरूर आएंगे।
इस वजह से वापसी कर पाया पाकिस्तान
भारतीय हॉकी टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनदीप सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम पल में जीत हासिल करने के बारे में कहा, यह मैच हमारे लिए भी आगे आने वाले टाइम में बहुत अहम रहेगा, क्योंकि फर्स्ट टू क्वार्टर हमने बहुत अच्छी हॉकी खेली थी, अच्छा हमारा स्ट्रक्चर था और हम 3-0 की लीड पर भी थे। लेकिन थर्ड-फोर्थ क्वार्टर में हमारा थोड़ा सा स्ट्रक्चर हमारा खराब हो गया, जिसकी वजह से उन्होंने गोल किए। आखिर में जब मैच 3-3 की बराबरी पर था तब हम एक-दूसरे को चियर करके भरोसा दिला रहे थे कि हम गोल कर सकते हैं। रहे थे कि "कम ऑन, कोई बात नहीं, हम गोल कर सकते हैं। आखिरी 40 सेकंड में जो गोल निकला है, मेरा मानना है कि वो पल मैच में बहुत अच्छा रहा।
अपने प्लान पर डटी रही टीम इंडिया
टीम इंडिया के खिलाफ कड़े सेमी-फाइनल मुकाबले के बाद संजय ने कहा, हमेशा सेमीफाइनल ऐसे ही होते हैं; काफी क्लोज होते हैं सेमीफाइनल और थोड़ा प्रेशर भी होता है। पहले हम 3-0 से आगे थे फिर मैच बराबरी पर आ गया। हमारे ऊपर इस बात का प्रेशर नहीं था कि स्कोरबोर्ड पर क्या स्कोर है क्या नहीं। हम अपने प्लान पर डटे रहे। इसी वजह से अंत में हमें जीत मिली।
फाइनल में नहीं दोहराएं गलतियां
गोल्ड मेडल मैच की तैयारियों के बारे में संजय ने कहा, फाइनल में हमारी अप्रोच यह होगी कि जो गलतियां आज हमने की हैं उनपर काम करेंगे। निश्चित तौर पर उन्हें फाइनल मैच में नहीं दोहराएंगे। हम चाहते हैं कि लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतकर हम इतिहास रचें। क्योंकि आज तक इंडिया ने लगातार दो बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल नहीं जीता है। हम फाइनल में इसी सोच के साथ उतरेंगे।
