हॉकी विश्व कप से पहले विवेक ने भरी हुंकार, पदक का सूखा खत्म करने के लिए अशोक कुमार से मिले गुरुमंत्र पर जताया भरोसा

FIH हॉकी वर्ल्ड कप (बेल्जियम और नीदरलैंड्स 2026) के लिए भारतीय मेंस टीम ने कमर कस ली है। टीम के मिडफील्डर विवेक कुमार ने पदक का सूखा खत्म करने के लिए गुरु से मिले मंत्र पर भरोसा जताया है। भारत ने अब तक सिर्फ एक बार 1975 में विश्व कप जीता है, जिसमें फाइनल में पाकिस्तान पर 2-1 से मिली जीत के नायक थे अशोक जो विवेक के गुरु और मार्गदर्शक भी हैं। वह 1971 विश्व कप में कांस्य और 1973 में रजत पदक जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे।

नई दिल्ली, (भाषा)। दो ओलंपिक पदक जीत चुके विवेक सागर प्रसाद को विश्व कप से पहले भारत की एकमात्र खिताबी जीत के नायक और उनके गुरू अशोक ध्यानचंद से ’गुरूमंत्र’ मिला है कि गोल करने की बजाय गोल बनाने पर अधिक फोकस रखना। भारत ने अब तक सिर्फ एक बार 1975 में विश्व कप जीता है, जिसमें फाइनल में पाकिस्तान पर 2-1 से मिली जीत के नायक थे अशोक जो विवेक के गुरु और मार्गदर्शक भी हैं। वह 1971 विश्व कप में कांस्य और 1973 में रजत पदक जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे।

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भारतीय मेंस हॉकी टीम। फोटो- Hockey India

यह पूछने पर कि नीदरलैंड और बेल्जियम में 15 अगस्त से शुरू हो रहे टूर्नामेंट से पहले उनसे क्या टिप्स लिये हैं, टोक्यो और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता 26 वर्ष के इस मिडफील्डर ने कहा, उन्होंने इतना ही कहा कि गोल मारने से ज्यादा अहम होता है गोल कराने वाला। चूंकि मैं मिडफील्ड में खेलता हूं तो उन्होंने मुझे अच्छे मूव बनाकर गोल के सूत्रधार बनने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व कप में अपने आपको पहले से भांप लो कि क्या करना चाहते हो। अपने विरोधी को देख लो कि पोजिशनिंग क्या है और उसके हिसाब से रणनीति तय करो।

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