सेंट लुई (अमेरिका): भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने पिछले दौर में हार के बाद शानदार वापसी करते हुए सिन्कफील्ड कप के चौथे दौर में नीदरलैंड के जॉर्डन वान फॉरेस्ट को हराया और दूसरे स्थान पर चल रहे खिलाड़ियों के समूह में शामिल हो गए। इस जीत से प्रज्ञानानंदा के 10 खिलाड़ियों के नौ दौर वाले इस टूर्नामेंट में चार बाजियों में 2.5 अंक हो गए हैं।
आर प्रज्ञानानंदा
पिछले राउंड में प्रज्ञानानंदा को मिली थी कीमर के खिलाफ हार
पिछले दौर में जर्मनी के विन्सेंट कीमर से हारने के बाद यह वापसी उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है। इससे उनकी पोडियम पर जगह बनाकर ग्रैंड चेस टूर के फिनाले के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीद बढ़ जाएगी। दिलचस्प बात यह रही कि दिन का यह एकमात्र निर्णायक मुकाबला था। बाकी चार बाजियां ड्रॉ रहीं। अमेरिका के वेस्ली सो हमवतन लेवोन अरोनियन के साथ ड्रॉ खेलने के बावजूद तीन अंक के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं।
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अन्य मुकाबलों का ऐसा रहा हाल
अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच हुए एक अन्य मुकाबले में फैबियानो करुआना को सेवियन सैमुअल ने ड्रॉ पर रोक दिया, जबकि अनीश गिरी ने उज्बेकिस्तान के विश्व चैंपियनशिप के दावेदार जावोखिर सिंदारोव के साथ अंक बांटे। दिन की एक अन्य बाजी में मैक्सिम वाचियेर-लाग्रेव ने कीमर के साथ ड्रॉ खेला। अभी पांच दौर बाकी हैं और वेस्ली सो शीर्ष पर हैं। प्रज्ञानानंदा, वाचियर-लाग्रेव और अरोनियन उनसे केवल आधे अंक पीछे हैं। वहीं करुआना, कीमर और सैमुअल के दो-दो अंक हैं। अनीश गिरी और सिंदारोव 1.5-1.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर हैं जबकि वान फॉरेस्ट आधे अंक के साथ आखिरी पायदान पर हैं।
सिंकफील्ड कप 'ग्रैंड चेस टूर' का हिस्सा है। इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन उन खिलाड़ियों के लिए भी बेहद जरूरी है जो 'ग्रैंड चेस टूर' के फाइनल के लिए क्वालिफाई करना चाहते हैं।
(भाषा)
