Saransh Jain: बीमार पिता के संदेश पर अमल करके ‘फाइटर' बने सारांश जैन,अब मेहनत का मिला रिजल्ट

Saransh Jain: तीन विदेशी दौरों पर सीमित ओवर क्रिकेट खेलने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (ICC World Test Championship) के तहत होने वाली टेस्ट सीरीज खेलने के लिए कमर कस चुकी है। भारतीय टीम कुछ दिन आराम करेगी और उसके बाद 15 अगस्त से श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट मैचों की महत्वपूर्ण सीरीज खेलेगी ताकि WTC अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर सके। इसी सीरीज को नजर में रखते हुए आज (मंगलवार) बीसीसीआई की राष्ट्रीय चयन समिति ने श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान कर दिया है। सारांश जैन को पहली बार टीम में शामिल किया गया है।

नई दिल्ली, (भाषा)। बात 2014 की है जब 21 वर्षीय सारांश जैन इंदौर के एक क्लब की टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर रहे थे और सीमित ओवरों की क्रिकेट में अपना सपना साकार करने की कोशिश में लगे थे। उस समय वह जब भी फोन करके अपने पिता सुबोध जैन के बारे में पूछते तो उनकी मां या बड़ा भाई बताते कि वह अभी व्यस्त हैं। उनके पिता उनके पहले और एकमात्र कोच भी थे। जब सारांश वापस घर लौटे तो सच्चाई ने उन्हें बुरी तरह झकझोर दिया। उनके पिता को मुंह का कैंसर हो गया था।

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सरांश जैन को मिली टीम इंडिया में जगह। फाइल फोटो

सारांश के पिता 61 वर्षीय सुबोध ने कहा, 'सर्जरी के बाद मेरा मुंह बुरी तरह सूज गया था और मैं बोल नहीं पा रहा था। जैसे ही सारांश ने मुझे देखा, वह फूट-फूट कर रोने लगा। मैंने कलम उठाई और कागज के एक टुकड़े पर लिखा, ’बेटा, तू जितना अच्छा करेगा, मैं उतनी जल्दी ठीक हो जाऊंगा।

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