स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बॉक्सिंग को अक्सर अकेला खेल कहा जाता है, लेकिन ग्लासगो के SEC हॉल में रिंग के अंदर भारत की बढ़त में एक परिवार ने अहम योगदान दिया। कैप्टन हवा सिंह की परपोती प्रीति पवार ने जब गोल्ड जीता तो हरियाणा झूम उठा। इसके बाद जैस्मिन ने गोल्ड पर पंच लगाया। हालांकि, अभी असली रोमांच अभी बाकी था। क्योंकि बॉक्सिंग रिंग पर घनाना गांव की चचेरी बहनें साक्षी चौधरी और प्रिया घंघास का उतना बाकी था।
साक्षी और प्रिया ने जीता गोल्ड मेडल।
जब ये दोनों रिंग पर उतरीं तो छा गईं। महिलाओं की 51kg फ्लाईवेट कैटेगरी में मुकाबला कर रही 25 साल की साक्षी चौधरी ने आक्रामक, फ्रंट-फुट बॉक्सिंग में मास्टरक्लास देते हुए इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से हरा दिया। इंडियन आर्मी को रिप्रेजेंट कर रही और पुणे में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) से ट्रेनिंग ले रही साक्षी ने ओपनिंग बेल से ही कंट्रोल कर लिया। रेंज और दूरी को कंट्रोल करते हुए व्हाइट को तीन राउंड तक डिफेंसिव बनाए रखा।
साक्षी ने दिग्गजों को किया धराशाई
साक्षी का कॉमनवेल्थ पोडियम तक का रास्ता बहुत मुश्किल से तय हुआ था। कॉम्पिटिटिव नेशनल सिलेक्शन ट्रायल्स के दौरान 2025 बॉक्सिंग वर्ल्ड कप गोल्ड मेडलिस्ट को स्क्वाड में अपनी जगह बनाने के लिए मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा और दो बार की वर्ल्ड चैंपियन निकखत जरीन को हराना पड़ा।
फाइनल में उनके परफॉर्मेंस में उनकी आजमाई हुई धार दिखी। फिर भी, अपने टैक्टिकल दबदबे के साथ-साथ, साक्षी ने मुकाबला खत्म होने के बाद क्लास भी दिखाई। अनाउंसमेंट के बाद परेशान व्हाइट को रोते हुए देखकर, साक्षी अपनी अपोनेंट के पास गईं और उन्हें दिलासा दिया। फिर इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की प्रेसिडेंट पीटी उषा से अपना मेडल लेने के लिए पोडियम पर गईं और पूरे एरीना में नेशनल एंथम गूंज रहा था।
प्रिया ने किया कमाल
इसके बाद बारी थी प्रिया की। महिलाओं की 60kg लाइटवेट कैटेगरी में प्रिया घंघास अपने कजिन के थोड़ी देर बाद रिंग में उतरीं और फैमिली स्वीप पूरा किया। दुनिया की नंबर-4 खिलाड़ी, जिन्होंने 2026 में एलीट एशियन चैंपियनशिप, बॉक्सम कप और उस्ती नाद लाबेम ग्रैंड प्रिक्स में गोल्ड मेडल जीतकर अच्छा प्रदर्शन किया था, उन्हें कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदीह के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
एक हाई-इंटेंसिटी, टैक्टिकल मुकाबले में प्रिया ने अपनी तेज रिंग क्राफ्ट और लैटरल मूवमेंट पर भरोसा करके 4-1 से स्प्लिट डिसीजन जीता। हालांकि, आखिरी घंटी बजने के तुरंत बाद करीबी फैसले का टेंशन साफ दिख रहा था, लेकिन इस जीत ने वर्ल्ड बॉक्सिंग में लाइटवेट की टॉप प्रॉस्पेक्ट्स में से एक के तौर पर उनकी जगह पक्की कर दी।
इन दो जीतों से हरियाणा और खासकर भिवानी के धनाना गांव की इंडियन बॉक्सिंग के गढ़ के तौर पर पहचान और पक्की हो गई है। बॉक्सिंग में महारत उनके खानदान में है। प्रिया की कजिन, नीतू घंघास ने पहले बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में 48kg कैटेगरी में गोल्ड जीता था और फिर 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप का टाइटल जीता था। इनके परिवार ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद दोनों बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मुक्केबाज बनाने के लिए पूरा भरोसा और प्रोत्साहन दिया।
