Sakshi Choudhary and Priya Ghanghas: दो बहनों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में लहराया परचम, दोनों ने लगाया गोल्डन पंच

हरियाणा का भिवानी क्षेत्र भारतीय बॉक्सिंग का गढ़ माना जाता है। यहां से निकले बॉक्सरों ने अंतरराष्ट्रीय लेवल पर अपनी पहचान बनाई है। विजेंद्र सिंह, कैप्टन हवा सिंह और जैस्मिन लंबोरिया जैसे दिग्गज बॉक्सरों के बीच एक ही परिवार की दो चचेरी बहनों ने भी अपना मुकाम बना लिया है। ये दो नाम हैं साक्षी चौधरी और प्रिया घंघास, ये घनाना गांव से आती हैं। दोनों चचेरी बहनों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्डन पंच लगाया।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बॉक्सिंग को अक्सर अकेला खेल कहा जाता है, लेकिन ग्लासगो के SEC हॉल में रिंग के अंदर भारत की बढ़त में एक परिवार ने अहम योगदान दिया। कैप्टन हवा सिंह की परपोती प्रीति पवार ने जब गोल्ड जीता तो हरियाणा झूम उठा। इसके बाद जैस्मिन ने गोल्ड पर पंच लगाया। हालांकि, अभी असली रोमांच अभी बाकी था। क्योंकि बॉक्सिंग रिंग पर घनाना गांव की चचेरी बहनें साक्षी चौधरी और प्रिया घंघास का उतना बाकी था।

Sakshi and Priya

साक्षी और प्रिया ने जीता गोल्ड मेडल।

जब ये दोनों रिंग पर उतरीं तो छा गईं। महिलाओं की 51kg फ्लाईवेट कैटेगरी में मुकाबला कर रही 25 साल की साक्षी चौधरी ने आक्रामक, फ्रंट-फुट बॉक्सिंग में मास्टरक्लास देते हुए इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से हरा दिया। इंडियन आर्मी को रिप्रेजेंट कर रही और पुणे में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) से ट्रेनिंग ले रही साक्षी ने ओपनिंग बेल से ही कंट्रोल कर लिया। रेंज और दूरी को कंट्रोल करते हुए व्हाइट को तीन राउंड तक डिफेंसिव बनाए रखा।

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