भारत के युवा बॉक्सर सचिन सिवाच ने बॉक्सिंग में छठा गोल्ड मेडल दिला दिया। यह मेडल 60 किलोग्राम भारवर्ग में आया। सचिन ने फाइनल में नामीबिया के ट्रायगेन मॉर्निंग को 3-2 के अंतर से हराया। शुरुआती दो राउंड में सचिन संघर्ष करते नजर आए। उन्हें रेफरी की ओर से कई बार चेतावनी भी मिली है। हालांकि सचिन लगातार हमला कर रहे थे, लेकिन जवाबी पंचों पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। तीसरे और अंतिम राउंड के आखिरी क्षणों में सचिन का एक शानदार पंच लगा, जिसके बाद ट्रायअगेन के खिलाफ स्टैंडिंग काउंट दिया गया और बाउट अपने नाम कर लिया।
सचिन सिवाच (साभार-X)
पहले राउंड में पिछड़े सचिन
पहले राउंड में सचिन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए और ट्रायगेन ने उनके कमजोर डिफेंस का फायदा उठाते हुए पहला राउंड 3-2 से अपने नाम कर लिया। दूसरे राउंड में सचिन ने दमदार वापसी की, लेकिन निष्क्रियता के चलते उन्हें एक पैनेल्टी प्वाइंट मिला। दूसरा राउंड उन्होंने 3-2 से अपने नाम किया और इस तरह तीसरा राउंड डिसाइडर था। तीसरे राउंड के अंतिम क्षण में सचिन के पंच ने मैच को पूरी तरह से बदलकर रख दिया।
भारत को दिलाया बॉक्संग में छठा गोल्ड
प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया और साक्षी चौधरी (विमेंस 51 किग्रा), प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी (विमेंस 70 किग्रा) के बाद ग्लास्गो में गोल्ड मेडल जीतने वाले सचिन सिवाच(पुरुष 60 किग्रा) छठे भारतीय बने हैं। वहीं जादूमणि सिंह(55 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन( विमेंस 75 किग्रा) में सिल्वर मेडल अपने नाम कर सके। भारत के दो मुक्केबाज अंकुश पंघल(पुरुष 80 किग्रा) और नरेंदर बेरवाल(90 किग्रा) भी गोल्ड मेडल जीतने के दावेदार हैं। भारतीय महिलाओं ने 6 में से 5 गोल्ड और एक सिल्वर जीता है। वहीं पुरुष मुक्केबाज एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम कर सके।
36 हुई भारत के पदकों की संख्या, चौथे पायदान पर पहुंचा
सचिन सिवाच के गोल्ड मेडल के साथ ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पदकों की संख्या 36 हो गई है। भारत की झोली में 12 गोल्ड,16 सिल्वर और 8 कांस्य पदक आ चुके हैं। बॉक्सिंग रिंग में भारत के खाते में 6 गोल्ड और दो सिल्वर सहित कुल 8 मेडल आ गए हैं। दो गोल्ड मेडल मुकाबले अभी बाकी हैं। पदक तालिका में भारत चौथे पायदान पर पहुंच गया है। भारत अब पदकों के मामले में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा से पीछे है।
