राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संविधान क्लब में आयोजित एक खास समारोह में ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स में राज्य के पदक विजेताओं को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मुक्केबाज अरुंधति चौधरी भी शामिल थीं, जिन्होंने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। कोटा में जन्मी इस मुक्केबाज को स्वर्ण पदक जीतने के लिए 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली राजस्थान की पहली महिला बॉक्सर बनी थीं।
अरुंधती रेड्डी (साभार-X)
विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता यशवीर सिंह को भी 30 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया, जबकि सर्बिया के नोवी सैड में आयोजित विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट विश्व कप में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पैराशूटर मोना अग्रवाल को 2 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में 46 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली पहलवान संध्या बिश्नोई को 11,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। सम्मानित होने के बाद बिश्नोई ने कहा "मैं बहुत खुश हूं। अगली बार मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना होगा। मेरे पिता और कोच ने मुझे भरपूर सहयोग दिया है।
अभिनंदन समारोह में बोलते हुए शर्मा ने कहा कि सरकार की खेल नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के कारण देश की खेल संस्कृति को गति मिल रही है। इस कार्यक्रम में संसदीय कार्य राज्य मंत्री जोगाराम पटेल, युवा मामले एवं खेल मंत्री राजवर्धन सिंह राठौर और युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री के.के. विश्नोई भी शामिल हुए। ग्लासगो में महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अरुंधति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की सैंटेले रीड को से 5-0 से हराया था।
भारत ने मुक्केबाजी में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर पदक तालिका में चौथे नंबर पर फिनिश किया था। अरुंधति के अलावा, मुक्केबाजी में भारत की और से स्वर्ण पदक विजेता सचिन सिवाच, जस्मिन लम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अंकुश पंघाल थे। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन, नरेंद्र बेरवाल और जदुमणि सिंह ने रजत पदक जीते। भारत ने ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में अपना अभियान 39 पदकों (13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य) के साथ समाप्त किया और चौथे स्थान पर फिनिश किया।
