वर्ल्ड नंबर 3 और अपना पहला कॉमनवेल्थ गेम्स खेल रही प्रीति पवार ने भारत को छठा गोल्ड मेडल दिला दिया है। सिल्वर पहले ही पक्का कर चुकी प्रीति ने 54 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में जीत दर्ज कर भारत को बॉक्सिंग में पहला गोल्ड दिला दिया। प्रीति ने फाइनल मैच में एकतरफा मुकाबले में कनाडा की सकार्लेट डेलगाडो (scarlet Delgado) को 5-0 से पटखनी दी।
प्रीति पवार (साभार-AI Image)
तीनों राउंड में दिखा प्रीति का जलवा
भारत की प्रीति पवार ने तीनों राउंड में एकतरफा अंदाज में विरोधी बॉक्सर डेलगाडो पर डॉमिनेट किया। उन्होंने अपना पहला राउंड 10-9 के अंतर से जीता। दूसरे राउंड में डेलडागो को उम्मीद थी कि वो वापसी कर पाएंगी, लेकिन प्रीति का आक्रामक पंच गोल्ड मेडल पर लगातार मुहर लगाता जा रहा था। दूसरा राउंड भी 10-9 से प्रीति के पक्ष में गया। इतना ही नहीं इस राउंड में डेलगाडो को एक पेनल्टी प्वाइंट भी दिया गया, जिससे स्कोर भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में और भी झुक गया। दूसरे राउंड के बाद सभी पांच जजों ने एक समान 20-18 का स्कोर दिया। तीसरे राउंड के बाद प्रीति के पक्ष में स्कोर 30-27 था।54 किलोग्राम भार वर्ग के मेडलिस्ट
प्रीति पवार ने गोल्ड मेडल जबकि कनाडा की सकार्लेट डेलगाडो को सिल्वर मेडल मिला। इसके अलावा दो ब्रोंज मेडल क्रमश: जांबिया के कैथरीन म्वापे और इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को मिला।प्रीति की बात करें तो साल 2026 में उन्होंने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था। इसके अलावा इसी साल उन्होंने गोल्ड ग्रांड प्रिक्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। पेरिस ओलंपिक में 54 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधत्व करने वाली प्रीति ने 2025 में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीता था। हालांकि, वो पहली बार सुर्खियों में साल 2022 एशियन गेम्स में आईं जब उन्होंने इस ब्रोंज मेडल जीता था।
बॉक्सिंग में पहला गोल्ड मेडल
यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का छठा और बॉक्सिंग में पहला गोल्ड मेडल है। इससे पहले भारत के लिए मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा वेटलिफ्टिंग), शर्मिला धनखड़ (महिला शॉट पुट F57), दिलीप गावित (पुरुष 100 मीटर T47), जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जीता था।
