Hockey India and PR Sreejesh: भारतीय हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर और ओलंपिक मेडल विजेता पीआर श्रीजेश ने हॉकी इंडिया पर कोच के पद से हटाए जाने के बाद हमला बोला है। भारतीय जूनियर मेंस हॉकी टीम के हेड कोच के पद से हटाए जाने के बाद श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखा। इस पोस्ट में दावा किया कि उन्हें खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि एक विदेशी कोच को जगह देने के लिए हटाया गया है।
पीआर श्रीजेश ने हॉकी इंडिया पर लगाया बड़ा आरोप। फोटो- श्रीजेश सोशल मीडिया
श्रीजेश का यह बयान हॉकी इंडिया में विदेशी कोचों को लगातार प्राथमिकता दिए जाने को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। खास बात तो यह है कि उनके कार्यकाल में जूनियर हॉकी टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने उनकी कोचिंग में खेले गए सभी टूर्नामेंट में पोडियम फिनिश किया, जिसका जिक्र श्रीजेश ने अपनी पोस्ट में किया है।
सोशल मीडिया पर लिखा लंबा पोस्ट
पीआर श्रीजेश ने सोशल मीडिया पर लिखा, ऐसा लगता है कि मेरा कोचिंग करियर 1.5 साल बाद खत्म हो रहा है। इस दौरान हमने 5 टूर्नामेंट खेले और 5 बार पोडियम पर जगह बनाई, जिसमें जूनियर वर्ल्ड कप का कांस्य पदक भी शामिल है। मैंने सुना है कि खराब प्रदर्शन के बाद कोचों को निकाल दिया जाता है। लेकिन यह पहली बार है जब मैं यह अनुभव कर रहा हूं कि मुझे किसी विदेशी कोच के लिए जगह बनाने के लिए हटाया जा रहा है।
श्रीजेश ने आगे लिखा, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ने कहा कि सीनियर मेंस टीम के मुख्य कोच जूनियर टीम के लिए एक विदेशी मुख्य कोच को प्राथमिकता देते हैं, उनका मानना है कि इससे जूनियर स्तर से लेकर सीनियर स्तर तक भारतीय हॉकी को विकसित करने में मदद मिलेगी। इसलिए, विदेशी कोचों को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है।
खेल मंत्री का भी किया जिक्र
श्रीजेश ने सवाल उठाया, क्या भारतीय कोच भारतीय हॉकी को विकसित नहीं कर सकते? 07-03-2026 को, माननीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ एक बैठक के दौरान, मुझसे कहा गया, "श्रीजेश, हमें तुम्हारे जैसे कोचों की जरूरत है जो आगे आकर हमारे देश का नेतृत्व करें, क्योंकि हम 2036 की तैयारी कर रहे हैं।" फिर भी, हॉकी इंडिया चारों टीमों में भारतीय कोचों के बजाय विदेशी कोचों पर ही अपना भरोसा बनाए हुए है।
श्रीजेश के इस बयान के बाद भारतीय हॉकी में एक पुरानी बहस फिर से तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या देश के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे? भारतीय हॉकी टीम पिछले कई सालों में विदेशी कोचों के साथ काम करती रही। हालांकि, श्रीजेश जैसे सफल पूर्व खिलाड़ी का इस तरह खुलकर सामने आना हॉकी इंडिया के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
