पेरिस: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू का ओलंपिक खेलों में मेडल की हैटिक पूरी करने का सपना टूट गया। गुरुवार को खेले गए महिला एकल के प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सिंधू को चीन की ही बिंग जाओ के खिलाफ सीधे सेट में 21-19, 21-14 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। सिंधू चीन की दीवार पेरिस में तोड़ने में नाकाम रहीं। सिंधू ने साल 2016 में रियो ओलंपिक में रजत और 2021 में टोक्यो ओलंपिक में महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। वो लगातार दो ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बनी थीं।
पीवी सिंधू
अपने रंग में नजर नहीं आईं सिंधू
पीवी सिंधू और ही बिंग जाओ के बीच पहले गेम में कड़ी टक्कर देखने को मिली। 30 मिनट तक चले पहले गेम में चीनी खिलाड़ी को सिंधू ने कड़ी टक्कर दी लेकिन अंत में उन्हें 19-21 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। दूसरे गेम में भी सिंधू शुरुआत में ही पिछड़ गईं और उस बढ़त को अंत तक पाटने में नाकाम नहीं। जाओ ने 26 मिनट में 21-14 से पटखनी देकर गेम और मैच दोनों अपने नाम कर लिया। सिंधू चीनी खिलाड़ी के सामने प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबले में फीकी नजर आईं।
भारतीय बैडमिंटन के लिए निराशाजनक रहा पांचवां दिन
पीवी सिंधू ओलंपिक से पहले कुछ महीनों से फॉर्म से जूझ रही थीं। ऐसे में उनका वही प्रदर्शन ओलंपिक खेलों में भी जारी रहा। सिंधू शुरुआती मुकाबले में भी संघर्ष करती दिख रही थीं लेकिन वो अंतिम 16 तक पहुंचने में सफल रहीं। इसके बाद उनकी पेरिस ओलंपिक की राह थम गई। सिंधू से पहले गुरुवार को चिराग शेट्टी और सात्विक साईराज रंकी रेड्डी की पुरुष युगल जोड़ी को भी क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। लक्ष्य सेन के रूप में भारत के लिए बैडमिंटन में पदक की अंतिम आस लक्ष्य सेन बचे हैं जिन्होंने हमवतन एचएस प्रणय को मात देकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
