कुआलालंपुर: भारत के चोटी के खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने शनिवार को यहां विश्व चैंपियनशिप में बिलियर्ड्स के फाइनल में हमवतन सौरव कोठारी को 4-0 से हराकर अपने करियर का 25वां विश्व खिताब जीता। आडवाणी ने बेहतरीन खेल दिखाया और बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
पंकज आडवाणी
आडवाणी ने पहले फ्रेम से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे कि वह कोठारी को कोई मौका नहीं देंगे। इस 150 से अधिक के प्रारूप में आडवाणी ने पहले फ्रेम को 149 के ब्रेक के साथ अपने नाम किया। तब तक कोठारी ने खाता भी नहीं खोला था। कोठारी को अपने पहले आईबीएसएफ (अंतरराष्ट्रीय बिलियर्ड्स एवं स्नूकर महासंघ) विश्व खिताब का इंतजार है।
इस 'बेस्ट ऑफ सेवन' के फाइनल में आडवाणी ने शुरू से बेहतरीन खेल दिखाकर एक कैलेंडर वर्ष में बिलियर्ड्स का राष्ट्रीय, एशियाई और विश्व खिताब जीतने का पांचवीं बार अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया।
World Billiards Champion🏆Can’t describe in words the feeling of winning my 25th Gold Medal in World Championships… t.co/6lGpBvzFRG
— ANI (@ANI) Oct 8, 2022
कोठारी को दूसरे फ्रेम में कुछ मौके मिले लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा पाए। दूसरी तरफ आडवाणी ने 77 के ब्रेक की मदद से 2-0 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद आडवाणी के खेल में और निखार देखने को मिला और उन्होंने अपने कौशल से मलेशियाई दर्शकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। आडवाणी ने तीसरे फ्रेम में 153 का टूर्नामेंट का सर्वोच्च ब्रेक बनाया, जिससे वह खिताब से केवल एक फ्रेम दूर रह गए थे।
आडवाणी ने चौथे फ्रेम में भी दिखाया कि आखिर उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी क्यों माना जाता है। उन्होंने 80 और 60 के दो ब्रेक बनाकर खिताब अपने नाम किया। कोठारी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और उन्होंने केवल 72 अंक बनाए। दूसरी तरफ आडवाणी ने 600 से अधिक अंक बनाकर लगातार पांचवें वर्ष खिताब जीता। कोरोना वायरस के कारण पिछली विश्व चैंपियनशिप 2019 में खेली गई थी।
आडवाणी ने बाद में कहा, 'लगातार पांचवीं बार खिताब का बचाव करना सपना सच होने जैसा है। मैंने जिस तरह का खेल दिखाया और जिस तरह से मैंने इस वर्ष प्रत्येक बिलियर्ड्स प्रतियोगिता में खिताब जीता उससे वास्तव में मैं बहुत खुश हूं। मैं अपने देश को विश्व स्तर पर एक और स्वर्ण पदक दिलाने से सम्मानित महसूस कर रहा हूं।' आडवाणी ने इससे पहले आखिरी विश्व खिताब 12 महीने पहले कतर में जीता था। तब उन्होंने आईबीएसएफ 6-रेड स्नूकर विश्वकप में खिताब जीता था।
