भारतीय कुश्ती को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब 2023 में देश की पहली अंडर-23 विश्व चैंपियन बनीं प्रतिभाशाली पहलवान रीतिका हुड्डा को डोप परीक्षण में विफल होने के कारण नाडा (राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी) द्वारा अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया गया और उन पर चार साल का प्रतिबंध लग सकता है। हैवीवेट 76 किग्रा वर्ग में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं 22 वर्षीय रीतिका का 15 मार्च को एशियाई चैम्पियनशिप के लिए चयन ट्रायल के दौरान परीक्षण किया गया और उनके मूत्र के नमूने में ‘एस1.1 एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड’ के अंश पाए गए जो एक प्रतिबंधित पदार्थ है।
रितिका हुडा (साभार-Screengrab Jio Cinema)
रीतिका ने पीटीआई से कहा, ‘‘अभी तक कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करूंगी। मुझे नाडा और (कुश्ती) महासंघ पर पूरा भरोसा है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकती।’’ रीतिका आगे की जांच के लिए ‘बी नमूना’ देने पर विचार कर रही हैं। ओलंपिक में पदक जीतने में नाकाम रहने के बाद रीतिका ने मार्च में एशियाई चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता और मंगोलिया में यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग सीरीज प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए इस साल मई में स्वर्ण पदक जीता।
रीतिका धीरे-धीरे सीनियर स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं और उनका निलंबन भारतीय कुश्ती के लिए एक झटका है क्योंकि वह इस साल के अंत में विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीतने की प्रबल दावेदार थीं। इस साल वह तीन प्रतियोगिताओं में से सिर्फ एक मुकाबला हारी हैं।
