महिला रेसलर विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) समेत कई रेसलरोंं ने 19 जनवरी को WFI के अध्यक्ष Brij Bhushan Sharan Singh के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया, और उनके इस्तीफे या फिर उनको बर्खास्त किए जाने की मांग की। इस प्रदर्शन में महिला पहलवानों के अलावा Bajrang Punia जैसे पुरुष पहलवान भी मौजूद रहे। दरअसल बृज भूषण पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया गया है। जिस पर उनका बयान सामने आया और उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया। उनसे जब साफ तौर पर पूछा गया कि जंतर मंतर बड़ी संख्या में महिला रेसलर आपके खिलाफ आवाज उठा रही थीं तो उनका जवाब था कि आप खुद ही गिन कर बता दीजिए कि उस समय कितने लोग मौजूद थे। इस सबके बाद टाइम्स नाउ नवभारत ने WFI President से सीधे सवाल-जवाब किए, सुनिए उन्होंने क्या कहा।
विनेश फोगाट के आरोप
विनेश फोगाट ने कहा कि महिला रेसलर जब अपनी परेशानी का जिक्र करती हैं तो उन्हें परेशान किया जाता है। परेशानी का दायरा मानसिक और शारीरिक दोनों होता है। उन्हें खुद टोक्यो ओलंपिक के दौरान और उसके बाद परेशानी का सामना करना पड़ा वो खुदकुशी के बारे में सोचने लगीं। पहलवान अगर कुश्ती फेडरेशन के खिलाफ मुंह खोलते हैं तो उन्हें अपनी बात कहने की सजा मिलती है। फेडरेशन के खिलाफ बोलने पर बैन का इनाम मिलता है।फेडरेशन में बदलाव की आवश्यकता है। नेशनल कैंप में कुछ कोच पहलवानों को शारीरिक शोषण करते हैं। यही नहीं फेडरेशन के अध्यक्ष भी शारीरिक शोषण करते हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष ही रेफेरी और कोच की भूमिका में नजर आते हैं।
