Shotgun World Cup: इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप में भारत ने अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण पदक के साथ किया। मिश्रित ट्रैप टीम स्पर्धा में भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और कोई भी जोड़ी फाइनल में जगह नहीं बना सकी। इस विश्व कप में इटली दो स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। अमेरिका ने एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने एक-एक स्वर्ण पदक के साथ संयुक्त रूप से तीसरा स्थान पाया। भारत के लिए एकमात्र स्वर्ण पदक नीरू ढांडा ने महिला व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में जीता था।
शॉटगन विश्व कप (फोटो साभार- @IA_SportsAdvntr)
मिश्रित टीम स्पर्धा में फिसला भारत
एक दिन पहले ऐतिहासिक स्वर्ण जीतने वाली नीरू ढांडा मिश्रित टीम इवेंट में अपना प्रदर्शन नहीं दोहरा सकीं। किनान चेनाई और नीरू की जोड़ी ने 150 में से 139 अंक बनाए। इस स्कोर के साथ वे छह अन्य टीमों के साथ संयुक्त रूप से 15वें स्थान पर रहीं। यह प्रदर्शन पदक राउंड में पहुंचने के लिए जरूरी टॉप-4 में जगह बनाने के लिए काफी नहीं था। भारत की दूसरी जोड़ी भी प्रभावित करने में नाकाम रही। अहवर रिजवी ने 70 और मनीषा कीर ने 68 अंक बनाए। दोनों के कुल 138 अंकों के साथ यह जोड़ी चार अन्य टीमों के साथ संयुक्त 20वें स्थान पर रही।
ऑस्ट्रेलिया ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
मिश्रित ट्रैप का स्वर्ण ऑस्ट्रेलिया के नाम रहा। जेम्स विलेट और कैथरीन स्किनर की जोड़ी ने 40 शॉट के फाइनल में 37 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। ब्रिटेन के नाथन हेल्स और एली सीवर्ड की जोड़ी 35 अंकों के साथ रजत पदक जीतने में सफल रही। पूरे टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि नीरू ढांडा का व्यक्तिगत ट्रैप में स्वर्ण पदक रहा। लेकिन टीम स्पर्धाओं में भारतीय निशानेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। एशियाई खेलों और ओलंपिक क्वालीफिकेशन को देखते हुए मिश्रित ट्रैप में प्रदर्शन चिंता का विषय है। कोचों को अब इस स्पर्धा पर खास ध्यान देना होगा।
