नई दिल्ली: ओलंपिक पदक विजेता पिस्टल निशानेबाज मनु भाकर की मां ने शुक्रवार को कहा कि कोच जसपाल राणा के बारे में उनसे बात कर पाना इस समय संभव नहीं है क्योंकि अभी उनका पूरा परिवार महान निशानेबाज और कोच राणा के असामयिक निधन से सकते में है। भारत के सर्वश्रेष्ठ पिस्टल निशानेबाजों में से एक और मनु भाकर को पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले जसपाल राणा का दिल से संबंधित बीमारी के कारण शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे।
जसपाल राणा और मनु भाकर
मनु के लिए कुछ भी कह पाना संभव नहीं है
मनु की मां सुमेधा ने कहा,'मनु के लिये इस समय कुछ कह पाना संभव नहीं है। वह इस स्थिति में नहीं है।' मनु इस समय अभ्यास शिविर में देहरादून में है और उनकी मां भी वहीं हैं। हम दोनों देहरादून में हैं। मनु ने विश्व कप के लिये अभी ट्रायल में हिस्सा लिया है और राष्ट्रीय शिविर भी यहीं चल रहा है। सर का पार्थिव शरीर भी उत्तराखंड लाया जा रहा है जो उनकी जन्मभूमि है।'
हमें देहरादून में ही रुकने के लिए कहा गया
उन्होंने कहा,'हम यह खबर सुनकर दिल्ली लौट रहे थे लेकिन हमें देहरादून में ही रूकने के लिये कहा गया है । उनका पार्थिव शरीर जल्दी ही यहां आयेगा ओर मनु वहां जायेगी। सर का शरीर देहरादून में उनकी निशानेबाजी रेंज पर रखा जायेगा।'
राणा के कोच रहते मनु ने जीते दो कांस्य पदक
जसपाल राणा ने मनु भाकर का करियर बनाने में अहम भूमिका निभाई। साल 2018 से 2021 के बीच उन्होंने मनु भाकर के साथ काम किया उसके बाद दोनों अलग हो गए। पेरिस में आयोजित ओलंपिक से पहले राणा मनु भाकर के कोच बने और इस जोड़ी ने इतिहास रच दिया। राणा के साथ भाकर आजादी के एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं और उन्होंने सफलता का नया इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए।
