भारतीय वुशु खिलाड़ी राजकुमारी लंचेनबी चानू ने मंगलवार को यहां युवा ओलंपिक खेलों की महिला चांगक्वान संयुक्त स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह वुशु में इस प्रतियोगिता का पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
लंचेनबी चानू ने यूथ ओलंपिक में रचा इतिहास (X/Olympic Khel)
मणिपुर की रहने वाली चानू ने कुल 18.039 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। मिस्र की सोंडोस सोनबोल ने 18.660 अंक के साथ स्वर्ण पदक जबकि वेनेजुएला की वालेरिया फ्रैनरीस डुडामेल ने 18.199 अंक के साथ रजत पदक जीता।
भारतीय खिलाड़ी ने चांगक्वान स्पर्धा में 9.316 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया जबकि गुनशु स्पर्धा में 8.723 अंक के साथ वह तीसरे स्थान पर रहीं। डकार युवा ओलंपिक में भारत अब तक एक रजत और दो कांस्य पदक जीत चुका है।
इससे पहले सोमवार को युवा खिलाड़ी खुशबू राजकभाई ने रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना अभियान समाप्त किया था। वह युवा ओलंपिक में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय जुडोका बनी थीं।
वहीं तैराकी की उभरती खिलाड़ी धिनिधि देसिंघु ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया था। बेंगलुरु की 16 वर्षीय तैराक ने सेनेगल में चल रहे इन खेलों में भारत के लिए पहला पदक हासिल किया। सोमवार को फाइनल में उन्होंने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस स्पर्धा में क्रोएशिया की एना बोबानोविच ने 55.89 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि न्यूजीलैंड की एलिसा लॉसन ने 56.13 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
धिनिधि देसिंघु का यह सफर अब उन्हें सीनियर ओलंपिक तक ले आया है। सिर्फ 14 साल की उम्र में, वह पेरिस 2024 खेलों में भारत के दल की सबसे कम उम्र की सदस्य थीं। यहां उन्हें दुनिया के कुछ बेहतरीन तैराकों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला, जिनमें फ्रांसीसी स्टार लियोन मार्चंड भी शामिल थे।
(भाषा)
