World Championship 2026: सोमवार से दिल्ली में शुरू हो रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में उतार-चढ़ाव भरे साल के बाद भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उतरेंगे। वर्ल्ड रैंकिंग में 14वें स्थान पर काबिज 24 वर्षीय सेन का लक्ष्य घरेलू दर्शकों के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ देना और टूर्नामेंट में गहराई तक जाना है। इस साल सेन ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद अन्य टूर्नामेंट्स में निरंतरता नहीं दिखा पाए। 2021 के विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता सेन के लिए ये टूर्नामेंट बेहद खास है क्योंकि 17 साल बाद ये प्रतियोगिता भारत लौटी है।
लक्ष्य सेन (फोटो साभार- X)
वर्ल्ड चैंपियनशिप को लेकर क्या बोले लक्ष्य
विश्व चैंपियनशिप को लेकर सेन ने कहा, "मेरा पहला विश्व चैंपियनशिप का अनुभव शानदार था। उसके बाद कुछ चीजें अच्छी रहीं और कुछ नहीं। इस बार मैं यहां अच्छा करना चाहता हूं। अभी हर मुकाबला मुश्किल है, इसलिए मैं एक समय में सिर्फ एक मैच के बारे में सोच रहा हूं। मेरा मकसद जितना हो सके आगे तक जाना है।" दिल्ली में टूर्नामेंट होने पर सेन उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, "भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों का बड़ा फायदा मिलेगा। हम काफी समय से यहां प्रैक्टिस कर रहे हैं। दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलना मेरे लिए बेहद खास है।"
ड्रिफ्ट और परिस्थितियों को साधना होगी
सेन ने माना कि दर्शकों के आने से शटल की स्पीड और कोर्ट की परिस्थितियां बदलेंगी। "अभ्यास में हमने देखा कि ड्रिफ्ट अलग-अलग कोर्ट पर अलग है। टूर्नामेंट शुरू होते ही हमें उसके हिसाब से ढलना होगा। दूसरी राउंड के बाद स्थिति और साफ हो जाएगी।" इंडिया ओपन के दौरान वायु गुणवत्ता और सफाई जैसी समस्याओं के बाद साइ और बीएआई ने इस बार व्यापक सुधार किए हैं। स्टार डबल्स जोड़ी सात्विक-चिराग का भी मानना है कि ड्रिफ्ट को समझना ही सफलता की कुंजी होगी।
आयुष शेट्टी की सबसे बड़ी चुनौती
भारत के उभरते खिलाड़ी आयुष शेट्टी के लिए ये करियर का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। एशिया चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट आयुष का पहले ही राउंड में दुनिया के नंबर-1 शी युकी से मुकाबला है। आयुष ने कहा, "मैं शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार हूं। सुविधाएं इंडिया ओपन से काफी बेहतर हैं। शी युकी के खिलाफ मैच कठिन होगा, लेकिन मैं आत्मविश्वास से भरा हूं। अब मैं पहले से बेहतर स्थिति में हूं।"घरेलू सरजमीं पर भारतीय खिलाड़ियों के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका है।
