नई दिल्ली: कोर्ट ऑफ अर्बिटरेशन फॉर स्पोर्ट ने बुधवार को विनेश फोगाट बनाम यूनाईटेड वर्ल्ड रेसलिंग और आईओसी मामले में विनेश की अपील खारिज करते हुए उनका ओलंपिक में पदक जीतने का सपना तोड़ दिया। 7 अगस्त को महिलाओं की 50 क्रिग्रा भारवर्ग की फ्री स्टाइल स्पर्धा के फाइनल से पहले 100 ग्राम अधिक वजन पाए जाने के बाद अयोग्य करार दी गईं थी। ऐसे में उन्होंने यूनाईटेड वर्ल्ड रेसलिंग के फैसले को चुनौती देते हुए खुद को ज्वाइंट सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग की थी। 7 दिन तक मामले में फैसले की कई तारीख सामने आईं लेकिन अंत में बुधवार को फैसला आ गया और भारतीय खेल प्रशंसकों और विनेश के हाथ निराशा लगी।
विनेश फोगाट
ऐसे में आईओए की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने खेल सीएएस के एकमात्र मध्यस्थ द्वारा पहलवान विनेश फोगट के यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के खिलाफ आवेदन को खारिज करने के फैसले पर आश्चर्य और निराशा व्यक्त की है।
गहन जांच का विषय है ये मामला
आईओए ने अपने बयान में कहा, इस फैसले का विनेश के करियर पर गहरा असर पड़ेगा साथ ही स्पोर्ट्स कम्युनिटी पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। 100 ग्राम की मामूली विसंगति और इसके परिणाम का गहरा प्रभाव विनेश के करियर पर पड़ेगा बल्कि यह अस्पष्ट नियमों और उनकी व्याख्या पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि दो दिन के अंतराल में एक एथलीट को वजन के लिए इस तरह पूरी तरह अयोग्य घोषित करना गहन जांच का विषय है। हमारे वकीलों ने सीएसए के सामने उचित तरीके और मजबूती से रखा था।
मामले ने उजागर किया नियमों का अमानवीय पहलू
विनेश फोगाट मामला नियमों के उन कठोर, यकीनन अमानवीय पक्षों को उजागर करता है जो एथलीटों खासकर महिलाओं के शारीरिक और मानसिक तनाव को ध्यान में रखने में असफल रहते हैं। यह मामला खिलाड़ियों की भलाई को प्राथमिकता देने वाले अधिक न्यायसंगत और उचित नियमों की आवश्यकता की स्पष्ट याद दिलाता है।
अब आगे होगा क्या?
सीएसए के आदेश के आलोक में आईओए विनेश फोगाट के समर्थन में पूरी मुस्तैदी के साथ खड़ा है और अन्य कानूनी रास्ते ढूंढ रहा है। आईओए विनेश मामले में सुनवाई के लिए पूरी तकह प्रतिबद्ध है। आईओए खेलों में न्याय और निष्पक्षता की वकालत करना जारी रखेगा,जिससे कि एथलीटों और खेल जगत में सभी के अधिकार और सम्मान को हर वक्त बरकरार रखा जा सके।हम अपने हितधारकों, एथलीटों और जनता के निरंतर समर्थन और समझ की सराहना करते हैं।
