Commonwealth Games 2026: ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय भारोत्तोलन दल की अगुआई करेंगी। डोपिंग मामलों के कारण टीम की संख्या कम होने के बावजूद भारत इस बार भी अपना दबदबा कायम रखने के इरादे से ग्लास्गो उतरेगा।प्रतियोगिता से ठीक पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा। डोपिंग उल्लंघनों के कारण दल के खिलाड़ियों की संख्या 16 से घटकर 11 रह गई। सबसे नया नाम 96 किग्रा वर्ग के दिलबाग सिंह का है, जिन्हें इसी सप्ताह टीम से बाहर किया गया। इससे तैयारियों पर असर पड़ा है, लेकिन राहत की बात यह है कि चीन और उत्तर कोरिया जैसे पावरहाउस देश इस बार राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में भारत के लिए पदकों के मौके और बढ़ गए हैं।
मीरा बाई चानू (फोटो साभार- X)
भारत का गौरवशाली इतिहास
राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन भारत का सबसे मजबूत खेल रहा है। भारत ने 1990, 2002, 2018 और 2022 में ‘बेस्ट वेटलिफ्टिंग नेशन’ का खिताब जीता है। कुल 133 पदकों के साथ जिसमें 46 स्वर्ण शामिल हैं, भारत इस स्पर्धा में ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा सबसे सफल देश है। बर्मिंघम 2022 में भारत ने 3 स्वर्ण और 3 रजत सहित 10 पदक जीतकर पदक तालिका में टॉप किया था। अब ग्लास्गो में भी इसी प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद है।
मीराबाई से सबसे बड़ी उम्मीद
पूर्व विश्व चैंपियन और ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू महिला 48 किग्रा वर्ग में उतरेंगी। उनका बेस्ट 205 किग्रा है - स्नैच 89 किग्रा और क्लीन एंड जर्क 116 किग्रा। यह अन्य सभी प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है। हालांकि मीराबाई ने साफ कहा कि उनका फोकस एशियाई खेलों पर है जो 2 महीने बाद हैं। “हमारा मुख्य लक्ष्य एशियाई खेल हैं। यहां मैं पूरी ताकत नहीं लगाऊंगी और कोई जोखिम नहीं उठाऊंगी,” उन्होंने PTI से कहा। फिर भी अगर वह अपने सामान्य प्रदर्शन के आसपास भी रहती हैं तो उनका तीसरा राष्ट्रमंडल स्वर्ण लगभग तय है।
किनसे और उम्मीद
मीराबाई चानू के अलावा ज्ञानेश्वरी यादव 53 किग्रा, ऋषिकांत सिंह 60 किग्रा और एम. राजा 65 किग्रा से भी स्वर्ण की उम्मीद है। बिंद्यारानी देवी, लवप्रीत सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी पदक दिला सकते हैं।
भारतीय टीम
महिला: मीराबाई चानू 48 किग्रा, ज्ञानेश्वरी यादव 53 किग्रा, बिंद्यारानी देवी 58 किग्रा, निरूपमा देवी 63 किग्रा, हरजिंदर कौर 69 किग्रा, संजना 77 किग्रा, मार्टिना देवी 86 किग्रा से अधिक।
पुरुष: ऋषिकांत सिंह 60 किग्रा, एम. राजा 65 किग्रा, अजया बाबू 79 किग्रा, लवप्रीत सिंह 110 किग्रा से अधिक।
