बिंदिया रानी देवी ने जीता ब्रोंज, वेटलिफ्टिंग में भारत को दिलाया 5वां मेडल

भारत ने वेटलिफ्टिंग में 5वां मेडल जीत लिया। ज्ञानेश्वरी यादव के बाद बिंदिया रानी देवी ने ब्रोंज मेडल जीत लिया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार दूसरा मेडल है। उन्होंने बर्मिंघम में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। हालांकि, उस वक्त उन्होंने यह मेडल 55 किलोग्राम भारवर्ग में जीता था।

बिंदिया रानी देवी ने वेटलिफ्टिंग में भारत को 5वां मेडल दिया दिया है। पहली बार 58 किलोग्राम भारवर्ग में खेल रही बिंदिया ने निराश नहीं किया और कॉमनवेल्थ गेम्स में बैक टू बैक मेडल जीता। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम (स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 112) भार उठाकर अपना ब्रोंज मेडल पक्का किया। बर्मिंघम में उन्होंने सिल्वर मेंडल जीता था। 58 किलोग्रम भारवर्ग की आकर्षण रहीं नाइजीरिया के रफियातु लवाल जिन्होंने कुल 229 किलोग्राम (स्नैच में 103 और क्लीन एंड जर्क में 126) भार उठाया। उन्होंने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों में कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया। सिल्वर मेडल कनाडा की सोफी ताशीचीरु ने जीता जिन्होंने कुल 215 किलोग्राम (स्नैच में 94 और क्लीन एंड जर्क में 121)का भार उठाया।

Bindiya Rani devi

बिंदिया रानी देवी (साभार-X)

बिंदिया देवी रानी ने स्नैच के अपने पहले प्रयास में 83 किलोग्राम, दूसरे प्रयास में 85 किलोग्राम और तीसरे प्रयास में 87 किलोग्राम का भार उठाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहला सफल प्रयास 110 किलोग्राम का लिया, जो नो लिफ्ट घोषित किया गया। पहले उन्होंने खुद को 113 किलोग्राम पर रजिस्टर किया था, जिसे बाद में रिवाइज करके 110kg किया गया। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 112 किलोग्राम भार सफलतापूर्वक उठाया। उनका तीसरा प्रयास 116 किलोग्राम था जो असफल रहा।

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