Chess Olympiad 2026: गत चैंपियन भारतीय शतरंज टीम के लिए फिडे शतरंज ओलंपियाड 2026 की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उज्बेकिस्तान के समरकंद पहुंचने के बाद भारतीय पुरुष और महिला टीम को होटल में कमरे मिलने के लिए करीब पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। यह टूर्नामेंट 16 से 27 सितंबर तक खेला जाएगा, जहां भारत अपने दोनों स्वर्ण पदक बचाने उतरेगा।
चेस ओलंपियाड खेलने पहुंची भारतीय टीम (फोटो साभार- Praggnanandhaa/X)
5 घंटे बाद खिलाड़ियों को मिला होटल
भारतीय दल के एक सदस्य ने बताया कि अब सभी खिलाड़ियों को कमरे मिल गए हैं, लेकिन शुरुआती अनुभव काफी निराशाजनक रहा। पुरुष टीम के कप्तान ग्रैंडमास्टर श्रीनाथ नारायणन ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "फिडे शतरंज ओलंपियाड 2026 में बेहद खराब अनुभव। टीम पांच घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंची थी, अभी तक कमरे आवंटित नहीं हुए हैं।" वहीं ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती ने भी इसी तरह की नाराजगी जाहिर की।
बुडापेस्ट में जीता था गोल्ड
हालांकि इस अव्यवस्था को पीछे छोड़कर अब टीम का फोकस मैदान पर है। भारत ने 2024 में बुडापेस्ट ओलंपियाड में इतिहास रचा था, जब पुरुष और महिला दोनों टीमों ने पहली बार स्वर्ण पदक जीते थे। अब दोनों टीमों पर खिताब बरकरार रखने का भारी दबाव होगा। पुरुष वर्ग में भारत सबसे प्रबल दावेदार है। टीम में विश्व चैंपियन डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानानंदा, अर्जुन एरिगैसी, निहाल सरीन और विदित गुजराती जैसे स्टार हैं। गुकेश के लिए यह टूर्नामेंट बेहद अहम है। पिछले एक साल में उनका प्रदर्शन गिरा है और नवंबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले वह अपनी लय वापस पाना चाहेंगे। दूसरी ओर प्रज्ञानानंदा इस साल के सबसे सफल खिलाड़ी रहे हैं और ग्रैंड शतरंज टूर जीतने वाले पहले भारतीय बने हैं।
अमेरिका से मिलेगी सबसे बड़े चुनौती
भारत को सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका से मिलेगी, जिसके पास फैबियानो कारुआना और लेवोन एरोनियन जैसे दिग्गज हैं। मेजबान उज्बेकिस्तान की टीम भी जावोखिर सिंदारोव की अगुवाई में मजबूत है। महिला वर्ग में भारत शीर्ष वरीय है। कोनेरू हम्पी, आर. वैशाली, विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल और सविता श्री बी टीम में हैं। इस बार डी. हरिका और तानिया सचदेव टीम का हिस्सा नहीं हैं। महिला वर्ग में जॉर्जिया और कजाकिस्तान भारत को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।
