सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ मैच में भारतीय हॉकी टीम को 2 गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी, लेकिन अर्जेंटीना की चुनौती को हरमनप्रीत सिंह एंड कंपनी पार नहीं कर पाई। अर्जेंटीना ने यह मुकाबला 5-3 के अंतर से अपने नाम किया। अर्जेन्टीना की ओर से टॉमस डोमेन (33वें और 45वें मिनट) ने दो गोल दागे जबकि जोकिन टोस्कानी (पहले मिनट), निकोलस डेला टोरे (छठे मिनट) और लुकास टोस्कानी (53वें मिनट) ने एक-एक गोल किया।
भारतीय हॉकी टीम (साभार-X)
भारत की तरफ से सुखजीत सिंह ने (10वें और 58वें मिनट) ने दो गोल दागे जबकि हार्दिक सिंह (60वें मिनट) ने एक गोल किया। इस हार के साथ भारतीय टीम पूल ई में अपने अंकों का खाता खोलने में नाकाम रहते हुए अंतिम पायदान पर रही। भारत अब सातवें स्थान के प्ले ऑफ में 28 अगस्त को बेल्जियम से भिड़ेगा। इससे पहले भारत को पहले मुकाबले में नीदरलैंड्स से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था।
इस पूल से नीदरलैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और अब दूसरी टीम का फैसला इंग्लैंड और नीदरलैंड के बीच होने वाले आखिरी पूल मैच से होगा। इस साल राउरकेला में एफआईएच प्रो लीग में भारत को 8-0 और 4-2 से हराने वाली अर्जेंटीना टीम ने उसी दबदबे को कायम रखा।
सेमीफाइनल की उम्मीद बनाये रखने के लिये भारत को कम से कम तीन गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी लेकिन मैच के 39वें सेकंड में ही अर्जेंटीना ने गोल करके दबाव बना दिया। जोकिन टोस्कानी ने दाहिने ओर से गेंद लेकर सीधे गोल के भीतर डाल दी और भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस के पास उसे रोकने का कोई मौका नहीं था। तीसरे मिनट में सर्कल के भीतर जरमनप्रीत की गलती से अर्जेंटीना को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर टोमास डोमेने की फ्लिक को मोहित ने बखूबी बचाया और भारतीय डिफेंडरों ने आसानी से गेंद बाहर निकाल दी।
छठे मिनट में अर्जेंटीना ने अपनी बढत दुगुनी करके भारतीय खेमे को स्तब्ध कर दिया। अर्जेंटीना के स्ट्राइकर की स्टिक से निकलकर गेंद यशदीप से टकराई जिससे उन्हें पेनल्टी कॉर्नर मिला और निकोलस ने उसे गोल में बदलकर मैच पर अपनी टीम का शिकंजा कस दिया। दो गोल गंवाने के बाद भारतीयों ने हमले करने शुरू किये और चार मिनट बाद सुखजीत ने बेहतरीन फील्ड गोल करके अंतर कम किया। अभिषेक ने बायीं ओर से सर्कल के बाहर से गेंद सुखजीत को सौंपी जिन्होंने सीधे डाइगनल शॉट लगाकर गोल के भीतर पहुंचाया।
अर्जेंटीना 15वें मिनट में फिर गोल करने के करीब पहुंचा जब इबारा इग्नाशियो गेंद लेकर आगे बढे और रूइज टोमास को पास दिया जिन्होंने टोस्कानी को गेंद सौंपी लेकिन इस बार मोहित ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। पहले पंद्रह मिनट के बाद स्कोर 2 -1 था। दूसरे क्वार्टर में कोई टीम गोल नहीं कर सकी हालांकि भारत ने कुछ मौके बनाये लेकिन अपनी गलतियों से उन्हें फिनिश नहीं कर सके।
20वें मिनट में हार्दिक बायें फ्लैंक से गेंद लेकर दौड़े और डी के भीतर हरमनप्रीत को क्रॉस दिया जो पहले ही आगे निकल आये थे और उसे ट्रैप नहीं कर सके। इसके चार मिनट बाद इस बार जरमनप्रीत ने अर्जंटीना के खिलाड़ियों से मिडफील्ड में गेंद छीनी और पलटवार के लिये दिलप्रीत को सौंपी जो उसे पकड़ नहीं पाये और भारत के हाथ से एक और मौका निकल गया। ब्रेक के समय स्कोर 2 -1 ही था।
अर्जेंटीना ने तीसरे क्वार्टर की भी आक्रामक शुरूआत की और पहले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया लेकिन निकोलस के प्रयास को भारतीय गोलकीपर ने नाकाम कर दिया। अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने एक और पेनल्टी कॉर्नर की मांग की जो रेफरल पर नकार दी गई। भारतीय डिफेंस की एक और ढिलाई ने अर्जेंटीना को तीसरा गोल तोहफे में दे दिया। डोमेने ने 33वें मिनट में तितर बितर दिख रहे भारतीय डिफेंस के बीच में से गेंद निकालकर रिवर्स हिट पर टूर्नामेंट में अपना सातवां गोल किया। इसके साथ ही वह टूर्नामेंट में छह गोल करने वाले भारतीय कप्तान हरमनप्रीत से आगे निकल गए।
भारत को अगले मिनट लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले। हरमनप्रीत का पहला प्रयास रोक लिया गया लेकिन गेंद डिफेंडर के पैर पर लगने से फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला। अगली दो बार पहले रशर से गेंद टकराने पर फिर पेनल्टी कॉर्नर मिले और चौथे पर हरमनप्रीत ने ड्रैग फ्लिक लगाई लेकिन गेंद हवा में उछलकर गोल के ऊपर से निकल गई।
भारत को 37वें मिनट में गोल करने का फिर मौका मिला जब दाहिने ओर से यशदीप ने सर्कल के भीतर दिलप्रीत को गेंद सौंपी जिसने अच्छा प्रयास किया लेकिन सही निशाना नहीं लगा सके। भारत को 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की फ्लिक सुखजीत की स्टिक से टकरा गई। हरमनप्रीत ने फाउल के लिये रिव्यू लिया लेकिन भारत ने अपना रेफरल गंवा दिया।
इसके चार मिनट बाद डोमेने ने एक बार फिर भारतीय गोल पर हमला बोला लेकिन पहला प्रयास और रिबाउंड दोनों गोलकीपर मोहित ने रोके। भारतीय डिफेंस की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और इस बार उसका खामियाजा पेनल्टी स्ट्रोक के रूप में भुगतना पड़ा। सर्कल के भीतर गेंद यशदीप के शरीर से टकराई और तोहफे में मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर डोमेने ने टूर्नामेंट का आठवां गोल दाग दिया। अर्जेंटीना के लिये पांचवां गोल लुकास ने किया और सर्कल से गेंद लेकर जगह बनाते हुए रिवर्स हिट पर गेंद को भीतर डाला और भारत के तीन डिफेंडर देखते रह गए।
भारत को हूटर से चार मिनट पहले छठा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन हरमनप्रीत को फिर कामयाबी नहीं मिली। फिर 58वें मिनट में मनदीप सिंह के पास पर सुखजीत ने फील्ड गोल दागा और 59वें मिनट में भारत को मिले पेनल्टी स्ट्रोक को हार्दिक ने गोल में बदला।
