एफआईएच प्रो लीग में खराब प्रदर्शन के कारण आलोचनाओं से घिरी भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि उनकी टीम को समय और खेल प्रबंधन पर काम करने की जरूरत है ताकि वह मजबूत टीम बन सके। प्रो लीग के यूरोपीय चरण में भारत आठ में से सात मैच हारकर सबसे निचले स्थान पर रहा और एफआईएच नेशंस कप में खिसक गया। एक अन्य मैच में भारत ने अर्जेंटीना के साथ निर्धारित समय में 2-2 से ड्रॉ खेला, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में हार गया।
भारतीय महिला हॉकी टीम (Courtesy- Hockey India)
हरेंद्र ने वर्चुअल बातचीत में कहा, ‘‘यह एक नई टीम है जिसमें कई अनुभवी खिलाड़ी चोटिल होने के कारण नहीं खेल पा रही हैं। इससे विशेष कर हमारी रक्षा पंक्ति पर प्रभाव पड़ा। हमें समय और खेल प्रबंधन पर काम करने की जरूरत है।‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘उस क्षेत्र पर काम करने के लिए हमें अनुकूल परिस्थितियां तैयार करनी होगी और खेल को समझना होगा। जैसे, डिफेंस में अनुभवहीन खिलाड़ियों को उतारना और फिर यह देखना कि वे किस स्थिति में हैं। अगर वे असफल होते हैं तो हमें सीनियर खिलाड़ियों पर निर्भर रहना होगा। इस मामले में कोई बहाना नहीं चलेगा। ’’
हरेन्द्र ने कहा कि भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर के बचाव पर भी काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘पीसी (पेनल्टी कॉर्नर) का बचाव करना एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर हमें और काम करने की ज़रूरत है। यूरोपीय चरण में हमारे पास डिफेंस में उदिता और निक्की प्रधान जैसी अनुभवी खिलाड़ी नहीं थीं। हमें अपने डिफेंस पर काम करने की ज़रूरत है।’’
