हर्ष ने मां को तो अस्मिता ने कोच को डेडिकेट किया अपना गोल्ड मेडल

भारत ने जूडो में 3 मेडल जीते, जिसमें दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल शामिल रहे। मैच के बाद अस्मिता डे ने इसे अपने कोच को डेडिकेट किया तो वहीं हर्ष ने अपनी मां को। जूडो में भारत को पहला गोल्ड अस्मिता डे ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में दिलाया जबकि दूसरा गोल्ड दिल्ली के हर्ष सिंह ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में जीता।

भारतीय जूडो के लिए 31 जुलाई का दिन स्वर्णिम अध्याय के तौर पर लिखा जाएगा। ग्लासगो से पहले जूडो में भारत के पास एक भी गोल्ड मेडल नहीं था, लेकिन एक घंटे के भीतर भारत ने दो गोल्ड लेकर जूडो में इतिहास रच दिया। हालांकि, यामिनी मौर्य तीसरा गोल्ड मेडल नहीं जीत पाईं और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इस तरह भारत ने जूडो में 3 मेडल अपने नाम किया। जूडो में भारत को पहला गोल्ड अस्मिता डे ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में दिलाया जबकि दूसरा गोल्ड दिल्ली के हर्ष सिंह ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में जीता।

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अस्मिता डे (साभार-X)

पहली भारतीय बनी अस्मिता

त्रिपुरा की 23 वर्ष की अस्मिता ने सडन डैथ में यह मुकाबला गोल्डन स्कोर के जरिए अपने नाम किया। फाइनल में उन्होंने कनाडा की हैदी क्वाश को मात दी। जूडो में भारत को दूसरा गोल्ड दिल्ली के 22 वर्षीय खिलाड़ी हर्ष सिंह ने दिलाया। फाइनल में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्स को हराया।

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