'घर में लोग कहते थे तुम्हारे पास है क्या?', एशियन गेम्स मेडल जीतकर रोहित ने कहा- अब बिना दबाव खुलकर खेलूंगा

Rohit Yadav On Family Pressure And Asiad Medal: रोहित यादव ने एशियन गेम्स 2026 के जेवलिथ थ्रो इवेंट में अपना पहला कांस्य पदक जीता और उसके बाद उन्होंने पुरानी बातों को याद करते हुए कुछ भावुक चीजें कहीं। यहां जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा।

एशियाई खेलों में भाला फेंक का कांस्य पदक जीतकर रोहित यादव ने वर्षों से झेल रहे दबाव से राहत महसूस करते हुए कहा कि वह अब बिना किसी दबाव के खुलकर खेल सकेंगे। पच्चीस वर्षीय रोहित ने सोमवार को बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 84.35 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के स्टार रुमेश पाथिरागे ने 88.55 मीटर के प्रयास से स्वर्ण, जबकि भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया।

Rohit Yadav Talks About Family Pressure After Winning First Asian Games Silver Medal In Javelin Thro

रोहित यादव

रोहित ने पदक जीतने के बाद कहा, "मैंने इससे पहले किसी बड़ी चैंपियनशिप में पदक नहीं जीता था। किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह मेरा पहला पदक है। मैं बहुत खुश हूं। आखिरकार मेरा खाता खुल गया। मैं ऐसे परिवार से आता हूं, जहां खेलों का माहौल नहीं है। इसलिए घर में लोग कहते थे, ’तुम इतने साल से इतनी मेहनत कर रहे हो, लेकिन कोई पदक नहीं जीत पाए। आखिर तुम्हारे पास है क्या।"

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