एम्सटेलवीन: नीदरलैंड से पिछले मैच में हारने के बाद भारतीय टीम विश्व कप सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर होने की कगार पर पहुंच गई है। साल 1975 में वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली टीम इंडिया का खिताबी जीत का सपना 51 साल बाद एक बार फिर टूटता दिख रहा है। इंग्लैंड की अर्जेंटीना के हाथों हार ने तकनीकी तौर पर रास्ते बंद नहीं किये हैं भारतीय टीम टीम के लिए अभी भी सेमीफाइनल के दरवाजे खुले हुए है। भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पहले तो अर्जेंटीना को बड़े अंतर से मात देनी होगी इसके अलावा इंग्लैंड के भी बड़े अंतर से हारने की दुआ करनी होगी। विश्व कप के नये फॉर्मेट के मुताबिक पूल ई और एफ में दूसरे दौर में शीर्ष दो स्थान पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम (फोटो क्रेडिट Hockey India X and AI Generated)
दूसरे दौर में भारत की झोली है खाली
दूसरे दौर में नीदरलैंड के खिलाफ हार का सामना करने के बाद भारतीय टीम के खाते में कोई अंक नहीं है। रियो ओलंपिक 2016 की चैंपियन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 के अंतर से मात दी। पहले दौर में भारत के खिलाफ मिली जीत की वजह से इंग्लैंड के खाते में दूसरे दौर में तीन अंक हैं। नीदरलैंड 6 अंक के साथ पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। अर्जेंटीना के भी इंग्लैंड के खिलाफ 3-1 के अंतर से मिली जीत के बाद तीन अंक हो गए हैं जबकि भारत के पास कोई अंक नहीं है। ऐसे में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अर्जेंटीना को बड़े अंतर से मात देनी होगी। इसके अलावा इंग्लैंड की नीदरलैंड के खिलाफ बड़े अंतर से हार की दुआ करनी होगी।
अर्जेंटीना को हराना नहीं होगा आसान
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम के लिए अर्जेंटीना को हराना आसान नहीं होगा। भारत ने अर्जेंटीना को इस साल एफआईएच प्रो लीग के राउरकेला में खेले गए मुकाबलों में 8-0 और 4-2 से हराया था। इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करके अर्जेंटीना ने टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। टीम की कमान मटियास रे जैसे अनुभवी खिलाड़ी के हाथों में हैं। रियो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी ने अबतक 329 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। वह हॉकी वर्ल्ड कप में छठी बार खेल रहे हैं।
अर्जेंटीना के खिलाफ इस अंतर से हासिल करनी होगी जीत
भारत अगर अर्जेंटीना के खिलाफ दो या उससे अधिक गोल के अंतर से जीत दर्ज करके ही अर्जेंटीना को बाहर का रास्ता दिखा सकता है। ऐसे में उसके खाते में अधिक गोल हो जायेंगे। अर्जेंटीना ने अबतक 4 और भारत ने 3 गोल गोल स्कोर किये हैं। इसके अलावा भारतीय टीम को नीदरलैंड की इंग्लैंड पर बड़ी जीत का भी इंतजार करना होगा । इंग्लैंड के खाते में पांच गोल है लिहाजा भारत को इंग्लैंड से कम से कम चार गोल के अंतर की जरूरत होगी।
ऐसे खुल सकता है सेमीफाइनल का दरवाजे
अगर भारत अर्जेंटीना को 3-1 से हराता है तो उसके नाम छह गोल स्कोर और आठ गोल गंवाने का आंकड़ा होगा। ऐसे में इंग्लैंड अगर 2-0 से हारता है तो उसके पांच गोल होंगे जबकि सात गंवाये हैं। ऐसे में भारत गोल स्कोर की गिनती के आधार पर सेमीफाइनल में चला जायेगा। लेकिन भारत 3-1 से जीतता है और इंग्लैंड 1 -3 से हारता है तो इंग्लैंड के गोल स्कोर छह और गंवाये गोल आठ हो जायेंगे और फिर फील्ड गोलों की गिनती के आधार पर तय किया जायेगा।
फील्ड गोल के मामले में आगे है इंग्लैंड
भारत ने पिछले मैच में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया था और इंग्लैंड के खिलाफ एक फील्ड गोल पहले चरण में दागा था। इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ तीनों फील्ड गोल किये थे तो इंग्लैंड आगे निकल जायेगा। भारत के लिये सबसे आसान यही है कि अर्जेंटीना को दो गोल से अधिक के अंतर से हराये और इंग्लैंड कम से कम तीन गोल से हारे। कुल मिलाकर भारत की राह बहुत आसान नहीं है और सामना ऐसे प्रतिद्वंद्वी से है जो फॉर्म में है और पिछला रिकॉर्ड भी बेहतर है। नीदरलैंड के खिलाफ पिछले मैच में 40 मिनट तक बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन करने के बाद आखिरी क्वार्टर में दो गोल गंवाना भारत पर भारी पड़ा।
