Exclusive: घरेलू हिंसा का हुई शिकार, मां ने बेची जमीन तो पति ने किया सपोर्ट, अब शर्मिला के साथ कॉमनवेल्थ मेडल जीतना चाहती हैं दोनों बेटियां

पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा विमेंस शॉट पुट F57 फाइनल में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। शर्मिला कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी भी बनीं। शर्मिला ने भारत के 20 साल के इंतजार को खत्म किया।

करिश्मा, नई दिल्ली। पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा विमेंस शॉट पुट F57 फाइनल में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। शर्मिला की इस सफलता के पीछे उनकी मां का बलिदान और दूसरे पति का समर्थन रहा। मेडल जीतने के बाद शर्मिला ने टाइम्स नाउ से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने संघर्ष की कहानी बयां की।

Exclusive Sharmila

गोल्ड मेडलिस्ट शर्मिला से खास बातचीत।

15 अगस्त को 40 साल की होने जा रहीं शर्मिला का जन्म हरियाणा के रेवाड़िया में गरीब परिवार हुआ। दो साल की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया। कठिन समय से गुजरते हुए शर्मिला की शादी कर दी गई। मेडल जीतने के बाद शर्मिला ने बताया कि उन्हें घरेलू हिस्सा का शिकार होना पड़ा। यहां तक की बेटियां होने पर घर निकाल दिया गया और पति ने तलाक दे दिया।

End of Feed