4th IPA Nationals: गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बतौर एनेस्थिसियोलॉजिस्ट कार्यरत डॉ. संचिता सरमा हौसले और जुनून की जीती जागती मिसाल बनकर उभरी हैं। उन्होंने दिखाया है कि कुछ करने का आत्मविश्वास हो तो तो कोई भी बाधा पार की जा सकती है। वह न केवल एक कुशल आईटीएफ टेनिस खिलाड़ी हैं, बल्कि एक पावरलिफ्टर भी हैं (पिछले साल जिला स्तर पर 50+ श्रेणी में गोल्ड मेडल जीता था)। इतना ही नहीं उन्होंने ग्रेटर नोएडा की बेनेट यूनिवर्सिटी में आयोजित चौथे आईपीए नेशनल्स में 50+ श्रेणी में क्वार्टर फाइनल तक का सफर भी सफलतापूर्वक तय किया।
चौथे आईपीए नेशनल्स में धूम मचाने वाली डॉ संचिता सरमा (TNN)
पिकलबॉल नाउ के साथ एक खास इंटरव्यू में उन्होंने अपनी सफलता और संघर्षों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा "पिकलबॉल...एक बहुत लोकप्रिय खेल है। मेरी बहन अमेरिका में है, और वह कहती है कि यह अमेरिका में सबसे प्रचलित खेल है, जो भारत में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। दिल्ली में मेरे कुछ दोस्त हैं जो मुझे हमेशा पिकलबॉल खेलने के लिए आमंत्रित करते थे। एक दिन हमने पैडल के साथ खेलने की कोशिश की और मुझे ये मजेदार लगा।"
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे यह खेल लोगों के मानसिक और शारीरिक विकास में फायदेमंद है। "यह आपको कोर्ट पर तेज रखता है, आपको दौड़ना पड़ता है। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य में मदद करता है। इतना ही नहीं यह खेल सभी उम्र के लोगों के लिए है। यह खेल हमें प्रेरणा देता है कि हम इसे अपने बुढ़ापे में भी खेल सकते हैं और खुद को फिट रख सकते हैं। संचिता ने कहा कि यह चिकित्सा पेशे से जुड़े रहने की व्यस्तता के बीच मुझे तरोताज़ा रखता है। वह आगे कहती हैं कि इस तरह के खेल में शामिल होने के लिए आपको व्यवस्थित होना पड़ता है और इसके लिए मुझे अच्छे से प्लानिंग करनी होती है। उन्होंने कहा, "मैं अपना शेड्यूल मैनेज करने की कोशिश कर रही हूं, मैं जल्दी सोती हूँ, सुबह जल्दी उठती हूँ और अपने परिवार के जागने से पहले, मैं प्रैक्टिस खत्म कर लेती हूं।"
डॉ. सरमा का मानना है कि उनके मेडिकल प्रशिक्षण ने खेलों के प्रति उनके दृष्टिकोण को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, "पहला नंबर अनुशासन है। दूसरा, जब लोग मेरे खिलाफ खेलते हैं, तो वे हमेशा कहते हैं कि आप एक डॉक्टर हैं, आप अपने दिमाग से खेल रहे हैं। आईपीए नेशनल्स में भी मेरा मुख्य उद्देश्य था कि मैं जो भी तैयारी करूं, उसे पूरा करूं और मुझे लगता है कि मैं ऐसा करने में सफल रही।"
संचिता कहती हैं, "पावरलिफ्टिंग में रुचि रखने वाली किसी महिला के लिए, उसकी फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए मैं सप्ताह में 3 दिन जिम जाती हूँ। तीन दिन, मैं कॉर्डियो संबंधित व्यायाम करती हूं। इसके लिए आपको अपने डाइट पर भी ध्यान रखना होता है। यही कारण है कि मैं टिफिन साथ ले जाती हूँ। नियमित अंतराल पर खाना खाती हूं। अपने कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन सेवन का ध्यान रखती हूँ।"
रविवार को डॉ. सरमा ने नई दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने से पहले कहा, "आईपीए नेशनल्स में, एक 35 वर्षीय महिला ने मुझसे मेरी उम्र के बारे में पूछा और जब मैंने कहा, 'वास्तव में, मैं 50 वर्ष की हूं', तो उसने कहा, 'ओह, आप 50 वर्ष की नहीं दिखती हैं। मुझे लगा कि आप 39 वर्ष की हैं।' यह मेरे लिए काफी प्रेरणादायी था।"
