ग्लास्गो: भारत के 22 वर्षीय बॉक्सर अंकुश पंघल ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 अंतर से मात देकर फाइनल में एंट्री कर ली है। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष बॉक्सिंग के 80 किलो भारवर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने एकतरफा अंदाज में 5-0 के अंतर से जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारत के लिए बॉक्सिंग में एक और सिल्वर मेडल पक्का हो गया। इससे पहले दिन की शुरुआत में प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलो भारवर्ग में जांबिया की कैथरीन एम्वापे को 5-0 के अंतर से पटखनी देकर फाइनल में एंट्री की थी।
अंकुश पंघल
5-0 से अंतर से जीत दर्ज करके की फाइनल में एंट्री
ओफोरी को क्वार्टर फाइनल में बाई मिला था वहीं अंकुश दो मुकाबले में जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में पहुंच थे। ऐसे में उन्हें पिछले दो मुकाबलों की मैच प्रैक्टिस का फायदा कनाडा के बॉक्सर के खिलाफ मिला। पहला राउंड अंकुश ने 5-0 से अपने नाम किया। दूसरे राउंड में भी उन्होंने शानदार खेल जारी रखा और 5-0 की बढ़त बनाए रखा और अंत में एकतरफा अंदाज में कनाडा के मुक्केबाज को पटखनी देकर फाइनल में एंट्री कर ली।
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10 में से 2 कांस्य पदक का बदला रंग, 8 इवेंट बाकी
भारत के 10 बॉक्सर ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल हुए हैं। 10 में से दो बॉक्सर अबतक खेले दो सेमीफाइनल मुकाबलों में जीत दर्ज करके फाइनल में पहुंचने में सफल हुए हैं। भारत के आठ बॉक्सर भी फाइनल में पहुंचने की ताक में है। भारत राष्ट्रमंडल खेलों में 10 पदक पक्के कर चुका है। यह उसका राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में बॉक्सिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
पिछले महीने यूथ बॉक्सिंग में अंकुश ने जीता था सिल्वर
22 वर्षीय अंकुश ने पिछले महीने कजाकिस्तान में हुई एएसबीसी यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। फाइनल में उन्हें उज़्बेकिस्तान के बोल्ताएव शव्कतजोन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। बतौर कबड्डी प्लेयर अपने खेल करियर की शुरुआत करने वाले अंकुश के पिता चाहते थे कि वो व्यक्तिगत खेल में अपनी पहचान बनाए। उन्हें पिता की बताई राह पर चलते हुए बॉक्सिंग में अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं।
