Womens Cricket Team: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना का मानना है कि पिछले टी20 विश्व कप के बाद से टीम में सबसे बड़ा बदलाव यही आया है कि अब हर खिलाड़ी खुद को एक ‘मैच विजेता’ मानती है। उन्होंने कहा कि यह आत्मविश्वास टीम की फिटनेस और तैयारी पर अधिक ध्यान देने से आया है।
स्मृति मंधाना (फोटो- PTI)
विश्व कप में नया इतिहास रचने का इरादा
भारतीय टीम अब आने वाले हफ्तों में महिला विश्व कप का इंतजार कर रही है और इस बार खिताब जीतकर लंबे समय से चली आ रही धारणा को तोड़ना चाहती है। भारत 30 सितंबर से गुवाहाटी में श्रीलंका के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा।
मेहनत और संघर्ष का असर
मंधाना ने एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे लगता है कि हमारे भरोसे में बहुत बदलाव आ गया है और यह केवल इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी मेहनत करते हैं। जब प्रयास होता है तो संघर्ष हमेशा बना रहता है। यही एक चीज है जो इस टीम के साथ बदली है—हर कोई मानता है कि वे मैच विजेता हैं।”
टी20 विश्व कप ने छोड़ी गहरी छाप
29 वर्षीय सलामी बल्लेबाज ने स्वीकार किया कि पिछला टी20 विश्व कप उनके लिए व्यक्तिगत रूप से एक बड़ा झटका था। उन्होंने कहा, “मैंने मन ही मन सोचा कि एक एथलीट के तौर पर जिंदगी में दोबारा ऐसा महसूस नहीं करना चाहती। इसके बाद फिटनेस और पोषण में कई बदलाव किए गए।”
महिला क्रिकेट में बदलाव का सफर
मंधाना ने कहा कि वह इस विश्व कप को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “2013 में जब मैं बच्ची थी तब से भारत में महिला क्रिकेट के लिए बहुत कुछ बदल गया है। अब स्टेडियम का माहौल और दर्शकों का समर्थन देखकर मैं रोमांचित हूं।”
महिला प्रीमियर लीग का असर
मंधाना का मानना है कि महिला प्रीमियर लीग (WPL) ने खिलाड़ियों को दबाव और शोरगुल वाली भीड़ के बीच खेलने की आदत डाल दी है। उन्होंने कहा, “स्टेडियम में भारत का उत्साह बढ़ाने वाले लोगों से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। यह हमें और ज्यादा प्रेरित करता है।”
